बलिया। सोनभद्र में जमीन विवाद को लेकर हुई सामूहिक हत्या के बाद भी जमीन के विवादों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। अवैध कब्जा हटाने और कब्जा दिलाने के छह हजार से अधिक मामले जिला मजिस्ट्रेट, तहसील और संपूर्ण समाधान दिवस के मामले लंबित पड़े हैं।
प्रदेश सरकार ने अवैध कब्जा करने वालों पर कार्रवाई का निर्देश दिया था। भूमाफिया पोर्टल भी बनवाया गया और इस पोर्टल पर सरकारी व गैर सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ शिकायतें भी हुईं ताकि कार्रवाई की जा सके लेकिन मामले तेजी से निस्तारित नहीं हो रहे हैं। शहर से सटे सुरेमनपुर पिपरपाती निवासी नमो नारायण पांडेय ने छह अप्रैल 17 को तहसील दिवस पर शिकायत करते हुए तालाब से अवैध कब्जा हटाने का आग्रह किया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। वे अब तक तहसील व थाना समाधान दिवस पर 20 से अधिक बार आवेदन कर चुके हैं। मामले में लेखपाल ने यह रिपोर्ट लगा दी कि शिकायतकर्ता ने भी अवैध कब्जा किया है। करीब ढाई साल बाद भी यह मामला लटका हुआ है। अवैध कब्जे को लेकर गांव के लोगों में विवाद होता रहता है। शहर से सटे अगरसंडा गांव की बंजर भूमि पर अवैध कब्जा है। ग्रामीणों की शिकायत पर जिलाधिकारी की ओर से बेदखली वाद दाखिल करने व भूमाफियाओं को चिह्नित करने की संस्तुति की। बेदखली वाद लंबित है। हाईकोर्ट ने मार्च में तीन माह में मामले में कार्रवाई करने का आदेश दिया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। गांव के संतोष कुमार अग्रवाल कई आवेदन कर चुके हैं।
35 वर्ष पुराने मामले भी विचाराधीन : बैरिया। बैरिया तहसील कुल 2311 मामले जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में लंबित हैं। तहसीलदार न्यायालय में 1800 और नायब तहसीलदार न्यायालय में 1780 मामले लंबित हैं। इनमें कई मामले 35 वर्ष पुराने हैं। संपूर्ण समाधान दिवस में आए 265 मामले तीन वर्ष से लंबित हैं। श्रीकांतपुर निवासी दसई ततवा ने अपनी जमीन का पत्थर गड़वाया लेकिन जमीन पर कब्जा पाने के लिए वह तीन वर्षों से संपूर्ण समाधान दिवस व थाना दिवस का चक्कर लगा रहा है। यहीं निवासिनी बिंदू देवी, रेवती थाना क्षेत्र के रेखनुरपुर निवासी गौरीशंकर यादव, छेरडीह निवासी ललन मिश्र आदि के भूमि विवाद का मामला संपूर्ण समाधान दिवस में महीनों बाद भी निस्तारित नहीं हो सका।
एडीएम रामआसरे ने बताया कि संपूर्ण समाधान दिवस या जन सुनवाई के दौरान मिलने वाली जमीनी विवाद की शिकायतों का निस्तारण राजस्व व पुलिस की टीम बना कर कराने का निर्देश सभी एसडीएम को दिया गया है। आए दिन मामलों का निस्तारण भी कराया जा रहा है। जो मामले में न्यायालय में विचाराधीन हैं, उन्हीं मामलों में कार्रवाई करना संभव नहीं होता।