शहीद चौक में धरने पर बैठे चेयरमैन प्रतिनिधि लक्ष्मण गुप्त को मंगलवार की अपराह्न पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। चेयरमैन प्रतिनिधि सहित उनके समर्थकों को पुलिस कोतवाली ले गई, जहां चेयरमैन प्रतिनिधि की तबियत अचानक खराब हो गई। इसके बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
यह खबर नगर में फैलते ही व्यापारी नाराज हो गए। शहर की ज्यादातर दूकानें बंद कर दी गई। चेयरमैन साधना गुप्त के नेतृत्व में सैकड़ों महिला व पुरूष जिला अस्पताल पहुंचे और आपातकालीन कक्ष के सामने चेयरमैन धरने पर बैठ गई। थोड़ी ही देर में भाजपा के प्रदेश मंत्री , विधायक, पूर्व विधायक सहित कई दिग्गज नेता भी धरने में शामिल हो गए।
नगर पालिका परिषद में बीते दिनों टेंडर को लेकर हुए विवाद एवं मारपीट की घटना के बाद चेयरमैन प्रतिनिधि लक्ष्मण गुप्त अपने दर्जनों समर्थकों के साथ शहीद चौक में धरने पर बैठ गए। इस दौरान नगर में जुलूस निकालकर मारपीट करने वाले लोगों पर एफआईआर दर्ज करने व कार्रवाई करने का दबाव भी बनाया गया।
लेकिन चार दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की। जनता के बढ़ते जनाक्रोश व दबाव के चलते मंगलवार को पुलिस ने नाटकीय ढंग से अपराह्न करीब चार बजे धरना स्थल से लक्ष्मण गुप्त और उनके दर्जनभर समर्थकों को गिरफ्तार कर कोतवाली लेकर चली गई।
कोतवाली में कुछ देर रहने के बाद ही चेयरमैन प्रतिनिधि लक्ष्मण गुप्त की तबियत अचानक बिगड़ गई। आनन-फानन में पुलिस ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। उधर चेयरमैन प्रतिनिधि के गिरफ्तार होने और तबियत खराब होने की सूचना पाकर नगर के व्यापारी और उनके समर्थक जिला अस्पताल पहुंच गए।
इस दौरान सायंकाल आंशिक रूप से बाजार भी बंद हो गया। चेयरमैन साधना गुप्ता इमरजेंसी के ठीक सामने जिला अस्पताल परिसर में धरने पर बैठ गई। उनके साथ चेयरमैन प्रतिनिधि लक्ष्मण गुप्त की पत्नी पूनम गुप्ता, व्यापारी नेता अरविंद गांधी, पूर्व चेयरमैन प्रदीप गुप्त सहित सैकड़ों महिलाएं भी मौजूद रही।
चेयरमैन प्रतिनिधि लक्ष्मण गुप्त के साथ हुई पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में भाजपा नेता भी समर्थन में धरने में शामिल हो गए। भाजपा की ओर से प्रदेश मंत्री दयाशंकर सिंह, विधायक उपेंद्र तिवारी, पूर्व विधायक रामइकबाल सिंह, नागेंद्र पांडेय, अरूण सिंह बंटू आदि धरने में शामिल हो गए।