महर्षि भृगु की तपोस्थली पर बुधवार तड़के से ही कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा-तमसा के तट पर उमड़े हजारों श्रद्धालुओं के संगम से आस्था और उत्साह की अद्भुत त्रिवेणी दिखी। मंगलवार को दोपहर से ही श्रद्घालुओं की भीड़ पावन नदी तट की तरफ जाने लगी थी।
संगम पर पावन स्नान मंगलवार को आधी रात के बाद से ही शुरू हो गया। ऐसी मान्यता है कि उत्तरायण गंगा में स्नान करने तथा भृगु मुनि के दर्शन मात्र से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। स्नान पर्व पर लाखों की भीड़ संभालने के लिए नगर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किया गए है।
शहर में आने वाले सभी मार्गों पर बैरियर लगाकर वाहनों का प्रवेश वर्जित कर दिया गया है। इतना ही नहीं नगर से लेकर संगत तट तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस और पीएसी के जवानों की तैनाती की गई है। इस दौरान जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।
मंगलवार को सुबह से ही गैर जनपदों और प्रांतों से स्नानार्थी आने लगे थे। पौराणिक दृष्टि से भृगु नगरी में कार्तिक पूर्णिमा का विशेष महत्व है। महावीर घाट से लेकर गंगा-तमसा के संगम तक करीब 10 किमी के एरिया में पुलिस, पीएसी और होमगार्डो को तैनात किया गया है।
गैरजनपद की पुलिस तथा महिला आरक्षियों को भी लगाया गया है। स्नानार्थियों के सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। सुरक्षा के मद्देनजर घोड़ा पुलिस से लेकर जल पुलिस तक मंगाई गई है। गंगा स्नान तट पर जाने वाले मार्ग पर असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए चप्पे-चप्पे पर सीसी कैमरे लगाए गए हैं।
गंगा स्नान के दौरान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए नदी में जल पुलिस की तैनाती है। कार्तिक पूर्णिमा स्नान के दिन पुलिस किसी तरह की चूक नहीं करना चाहती है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर एलआईयू टीम के साथ बम निरोधक दस्ता भी तैनात किया गया है।
पुलिस अधीक्षक अनीस अहमद अंसारी ने बताया कि एलआईयू के जिम्मे गोपनीय सूचनाओं के साथ ही मेटल डिटेक्टर से भी चेकिंग की जाएगी। असलहा बताने वाले यंत्र भी लगाए जाएंगे। साथ ही बम निरोधक दस्ता भी पूरी तरह सक्रिय रहेगा।