ठंड के साथ कोहरा अब छाने लग है। ऐसे में सड़क पर थोड़ी सी भी लापरवाही जीवन पर भारी पड़ सकती है। सुरक्षित सफर के लिए जरूरी है कि एहतियात बरता जाए। फॉग लाइट और रिफ्लेक्टर का प्रयोग आदत में लाना होगा। कोहरे में हादसे अन्य दिनों की अपेक्षा काफी ज्यादा होते इसलिए रफ्तार पर नियंत्रण बेहद जरूरी है।
सड़कों पर पड़ने वाले खतरनाक मोड़, पुलिया, अधिक आबादी वाले इलाकों आदि क्षेत्रों में रिफ्लेक्टर और संकेतक लगाने का काम प्रशासन को कराना चाहिए। नियमत: ठंड शुरू होने से पहले इनकी जांच करा कर उन्हें दुरुस्त करा लेना चाहिए। लेकिन जनपद में अभी तक इस दिशा में अभी तक काम होता नहीं दिख रहा है। कुछ स्थानों को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश मोड़ पर संकेतक तक नहीं लगे हैं।
वहीं कोहरे के दौरान ऐहतियात के बारे में यातायात पुलिस का कहना है कि वाहन स्वामी सर्दियों में अपने वाहन में आगे पीछे रिफ्लेक्टर का प्रयोग करें, क्योंकि कोहरे के समय वाहनों में पीछे की लालरंग की लाइट नहीं दिखती है। रिफ्लेक्टर दूर से ही चमकने लगता है। इसके अलावा वाहन में फॉग लाइट भी लगवाएं ताकि कोहरे में देखने में आसानी हो। वाहनों के इंडीकेटर भी ठीक रखें। वाहन चलाने के दौरान घना कोहरा होने पर हॉर्न का भी प्रयोग करें।