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UP: भेष बदलने में माहिर CPI का प्रमुख सदस्य काशी में अरेस्ट, 13 वर्ष पहले की थी हत्या; 50 हजार का है इनामी

Mon, 15 Dec 2025 07:29 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।

सार

Varanasi News: बलिया निवासी प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन सीपीआई (माओवादी) का प्रमुख सदस्य एवं पदाधिकारी को वाराणसी से गिरफ्तार किया गया है। उसके खिलाफ कई मामले भी दर्ज हैं। एटीएस की टीम उससे पूछताछ करेगी।
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फरार नक्सली सीताराम। - फोटो : पुलिस
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विस्तार
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ATC Action in UP: काशी रेलवे स्टेशन से 13 साल से वांछित माओवादी संगठन के सक्रिय सदस्य और 50 हजार के इनामी सीताराम उर्फ विनय उर्फ ओमप्रकाश को यूपी एटीएस ने सोमवार को गिरफ्तार किया। सीपीआई (माओवादी) का प्रमुख सदस्य कई नक्सल घटनाओं में शामिल रहा है।

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बलिया के मनियर थाना क्षेत्र के मुडि़यारी गांव निवासी सीताराम उर्फ विनय भेष व नाम बदलकर अलग-अलग स्थानों पर छिपकर रह रहा था। सीताराम के खिलाफ यूपी के अलावा बिहार के विभिन्न थानों में बैंक डकैती, हत्या समेत पांच प्राथमिकी दर्ज है।

21 सितंबर 2004 में माओइस्ट कम्युनिस्ट सेंटर (एमसीसी) और पीपुल्स वार ग्रुप (पीडब्ल्यूजी) के विलय के बाद सीपीआई (माओवादी) पार्टी की बैठक में भी सीताराम शामिल हुआ था। सीताराम को जन आंदोलन सीपीआई (माओवादी) के विस्तार की जिम्मेदारी मिली थी।
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सीताराम की बैठकों में शहरी नगरीय क्षेत्रों के ओवर ग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) जो सीपीआई (माओवादी) के लिए काम करते हैं, शामिल होते थे। आरोपी सीताराम ने 1986 में घर छोड़ दिया था और माले से जुड़ गया। 1990 में 20 सीसी (सेंट्रल कमेटी) का जोनल सेक्रेटरी बना था।

एटीएस ने की कार्रवाई

एसटीएस अधिकारियों ने बताया कि सीताराम ने 2012 में साथियों के साथ बलिया के सहतवार थाना क्षेत्र के गांव अतरडरिया के प्रधान मुसाफिर चौहान की पत्नी फूलमति की हत्या की थी। प्रधान की भी हत्या की योजना थी, लेकिन वह भाग गया था। ग्राम प्रधान पर मुखबिर होने का संदेह था। वारदात को अंजाम देने में सीताराम की प्रमुख भूमिका थी। इस मुकदमे में सीताराम की गिरफ्तारी के लिए आजमगढ़ डीआईजी ने 50000 का पुरस्कार घोषित किया गया था।
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होगी पूछताछ

2023 में 15 अगस्त को सीताराम टीम के प्रमुख सदस्यों तारा देवी, लल्लू राम, सत्य प्रकाश वर्मा, राम मूरति, विनोद साहनी के साथ मीटिंग कर रहा था। मीटिंग में इसके साथियों को गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों के कब्जे से नक्सल विचारधारा को आगे बढ़ाने संबंधी पत्रिकाएं और असलहे मिले थे। उस समय सीताराम भाग निकला था।

लखनऊ एटीएस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसकी विवेचना एनआईए कर रही है। उत्तर प्रदेश में दर्ज प्राथमिकी के अलावा बिहार के मुजफ्फरपुर, बांका सीतामढ़ी में भी बैंक डकैती, हत्या, मारपीट, अवैध असलहा रखने जैसे प्राथमिकी दर्ज हैं, जिनमें यह फरार चल रहा था। पूछताछ में सामने आए संगठन के अन्य सदस्यों के खिलाफ भी अभियान जारी रहेगा।
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