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सांसद नकारा तो बैरिया विधायक बेचारा: विनोद

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रामगढ़ में कटान पीड़ितों ने एसडीओ कमलेश कुमार को दिया पत्रक। - फोटो : BALLIA
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रामगढ़। क्षेत्र के कटानपीड़ितों ने शुक्रवार को इंटक जिलाध्यक्ष विनोद सिंह के नेतृत्व में रामगढ़ ढाले के पास धरना दिया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों और प्रशासन पर कटान से बचाव के लिए ठोस इंतजाम नहीं कराने का आरोप लगाया।
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इस दौरान इंटक के जिलाध्यक्ष विनोद सिंह ने सांसद को नकारा और बैरिया विधायक को बेचाता बताते हुए कहा कि पैरवी के अभाव में स्थायी संचालन समिति लखनऊ द्वारा गंगापुर व के हरपुर का प्रोजेक्ट खारिज हो गया। इस दौरान कटान पीड़ितों ने जमकर जिला प्रशासन बाढ़ विभाग वह जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर अपनी आवाज बुलंद की। ब़ाढ़ विभाग के पहुंचे एसडीओ कमलेश कुमार के आश्वासन पर धरना प्रदर्शन समाप्त हुआ। एसडीओ ने आश्वासन दिया कि हम आपकी मांगों को तत्काल उच्चाधिकारियों के माध्यम से शासन में प्रेषित करेंगे। पीड़ितों ने चेताया की बाढ़ विभाग गंगापुर व केहरपुर का प्रोजेक्ट बनाकर समय रहते शासन में नहीं भेजा तो इसको लेकर 31 जनवरी के बाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की जाएगी। सभा को संबोधित करते हुए जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि अयोध्या प्रसाद ने कहा कि आखिर कब तक बाढ़ कटान का दंश झेलते रहेंगे।
समाजसेवी पंकज तिवारी ने कहा कि 13 दिन धरना प्रदर्शन करने के बाद भी बाढ़ भिभाग अपने कार्य शैली में बदलाव नहीं ला रहा है। अब केवल झूठा आश्वासन दे रहा है कि 62 हजार करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट बनाकर पुन: भेजा गया है। आखिर यह समझ में नहीं आ रहा है कि यह प्रोजेक्ट कब शासन में पहुंचेगा, कब पास होगा। तब तक दुबे छपरा, गोपालपुर, उदई छपरा का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। इस मौके पर रामेश्वर सिंह, पप्पू शुक्ला, पप्पू ओझा, कौशल पांडेय, जवाहर लाल सोनी, लाल बाबू सोनी, तेज नारायण मिश्रा, पवन चौबे, नवल मिश्रा, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि राजेश कुमार गुप्ता, विमलेश कुमार पांडेय, सुरेश यादव आदि दर्जनों गांवों के लोग मौजूद रहे।
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पैरवी के अभाव में स्थाई संचालन समिति लखनऊ ने किया खारिज
रामगढ़। बताते चलें कि गत वर्ष की बाढ़ में गंगा की उत्पाती लहरों ने गंगापुर के हरपुर व दुबे छपरा में जमकर तबाही मचाई थी। जिसमें 16 सितंबर को दुबे छपरा रिंग बंधा टूट गया था और शासन का 39 करोड़ रुपया चंद मिनटों में पानी में बह गया। साथ ही गंगा की लहरों ने केहरपुर में पानी टव्ंकी आंगनबाड़ी केंद्र एएनएम सेंटर के साथ लोगों के खड़े मकान गंगा की लहरों में समा गए। गंगापुर में गंगा की लहरें एनएच 31 के करीब पहुंच गई। जहां से एनएच 31 व नदी के बीच मात्र 10 मीटर का फासला शेष है। उसके बाद बाढ़ विभाग ने गंगापुर से लेकर के हरपुर तक 85 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट बनाकर शासन में भेजा था जो पैरवी के अभाव में स्थाई संचालन समिति लखनऊ द्वारा खारिज कर दिया गया। इसके बाद से पीड़ितों के मन में अपने अस्तित्व को लेकर उलझने बनी हुई है।
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