बलिया। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान मजिस्ट्रेट ने बाल अपचारी को दोष सिद्ध पाते हुए एक वर्ष छह माह के लिए दंडित किया है।
न्यायालय द्वारा निर्णय में आदेशित किया गया कि बाल अपचारी को कालावधि के दौरान सुधारात्मक सेवाएं देने के लिए विशेष गृह भेजा जाए। उभांव थाना क्षेत्र में सितंबर 2022 को किशोर अपचारी ने वादी मुकदमा की पांच वर्षीय पुत्री के साथ छत पर जाकर गलत काम किया था। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया था। इसमें न्यायालय किशोर न्याय बोर्ड ने दोष सिद्ध पाते हुए निर्णय दिया। कहा कि बाल अपचारी की पूर्व में व्यतीत निरुद्धता अवधि को सजा में समायोजित किया जाता है। संवाद