सिकंदरपुर। पेपर लीक मामले में गिरफ्तार पत्रकारों को रिहा करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सोमवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन के बाद मंगलवार को तहसील सिकंदरपुर के पत्रकारों ने बैठक कर जिला प्रशासन की कार्रवाई की निंदा की। तहसील अध्यक्ष बृजेंद्र सिंह ने कहा कि सच को उजागर करने वाले पत्रकारों को झूठे मुकदमे में फंसाना, नकल माफ़िया से प्रशासनिक अमले की सांठगांठ को उजागर करता है।
अजय तिवारी ने कहा कि जिला प्रशासन कार्रवाई का भय दिखाकर पत्रकारों की जुबान बंद करना चाहता है। नवीन सिंह ने अन्यायी जिलाधिकारी व एसपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। कहा कि ऐसा होने तक आंदोलन जारी रहेगा। धीरज मिश्र ने कहा कि झूठे मुकदमे लाद कर प्रशासन लोकतंत्र की हत्या कर रहा है। संतोष शर्मा ने कहा कि सच सामने आने के बाद अधिकारी तिलमिला गए हैं। किसी भी कीमत पर अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रमेश जायसवाल ने कहा कि तथ्य छिपाने वाले अधिकारियों की कलई खुल गई है। यदि निर्दोष पत्रकारों को छोड़ा नहीं गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस मौके पर मुश्ताक अहमद, अजित पाठक, घनश्याम तिवारी, रजनीश श्रीवास्तव, अरविंद पांडेय, इमरान खान, मनीष गुप्ता, चुन्नी लाल गुप्ता, अतुल राय, अनिल तिवारी, निकेश राय, अंगद, आरिफ अंसारी, आशुतोष पांडेय, आशुतोष मिश्र, शैलेंद्र गुप्ता, आसिफ, गौहर, नरायण पांडेय, जितेंद्र राय, बख्तियार खान, लड्डन समेत दर्जनों पत्रकार मौजूद रहे।
लोकतंत्र सेनानी संगठन ने दिया समर्थन
सिकंदरपुर। जिले के तीन पत्रकारों पर फर्जी मुकदमा कायम किए जाने से विभिन्न सामाजिक संगठनों में भी रोष व्याप्त है। इसी क्रम में लोकतंत्र रक्षक सेनानी संगठन ने मंगलवार को पत्रकार आंदोलन को समर्थन देने का एलान किया। अध्यक्ष शंभूनाथ मिश्र ने कहा कि सच कहना अगर बगावत है तो समझो हम भी बागी हैं। कहा कि इस आंदोलन में सेनानी संगठन हर प्रकार का सहयोग देगा। इस मौके पर चुन्नी लाल गुप्ता, काशीनाथ तिवारी, राजधारी सिंह, सुधाकर राय, राजऋषि सिंह, द्विजेन्द्र मिश्र, दीनानाथ सिंह आदि मौजूद रहे।