रसड़ा में बलिया बंद के समर्थन में नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते सर्राफा कारोबारियों का प्रतिनिधिमंडल।
जिला सराफा मंडल एवं जिला स्वर्णकार संघ के संयुक्त तत्वावधान में नगर सहित ग्रामीण इलाकों में स्वर्ण आभूषण की दूकाने बंद कर सर्राफा व्यापारियों केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा कि केंद्र सरकार के वित्तमंत्री ने अपने आमबजट में स्वर्ण व्यापारियों पर उत्पाद शुल्क थोपने का कार्य किया है।
विरोध में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए उप्र स्वर्णकार संघ प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील सर्राफ ने कहा कि प्रधानमंत्री जनता से मन की बात कुछ और कहते हैं। जबकि उनके वित्त और अन्य मंत्रियों के कानों में व्यापारियों को परेशान करने के लिए कुछ और ही कह जाते हैं। कहा कि यह आमजनता को भी टैक्स के दायरे में लाने की साजिश है। प्रदेश सचिव अशोक कुमार सर्राफ ने कहा कि 2012 की तरह इस बार भी हम केंद्र सरकार को यह काला कानून वापस लेने के लिए बाध्य करेंगे।
स्वर्णकार संघ के जिलाध्यक्ष घनश्याम दास जौहरी ने कहा कि वित्तमंत्री अरुण जेटली एक बार ग्रामीण क्षेत्र के गरीब स्वर्णकार साथियों को करीब से देखे तब पता चलेगा कि काला धन कहा है। उत्पाद शुल्क के चक्कर में स्वर्ण कारोबारियों को सरकार मशीनरी के चक्कर काटने पर विवश करने की साजिश रची गई है। कहा कि शनिवार को सर्राफा बाजार खुलेगा और सभी व्यापारी अपने बांह पर काली पट्टी बांधकर अपनी दूकानें खोलेंगे और आगे की रणनीति का निर्णय आगामी मंगलवार को तय किया जाएगा। इस मौके पर रामजी प्रसाद सर्राफ, अजय सोनी, सुनील सोनी, जयशंकर वर्मा, मणिलाल, संतोष सोनी, रामजी वर्मा आदि ने संबोधित किया। इसके उपरांत वित्तमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर सौंपा।