बलिया। ठंड बढ़ने के साथ ही ट्रेनों के लेट होने का सिलसिला शुरू हो गया है। ट्रेनें 10 घंटे से ज्यादा लेट चल रही हैं। दिन की ट्रेन रात में पहुंचने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
स्टेशन पर ठंड से बचाव की व्यवस्था न होने से रात में सर्द हवाओं के बीच यात्री चादर व गमछा ओढ़कर ट्रेन का इंतजार करने को मजबूर है। प्लेटफार्म टिकट न होने के कारण कई यात्री खुले आसमान के नीचे ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार की रात 04651 जयनगर- अमृतसर स्पेशल 10 घंटा विलंब से रात 12.25 बजे की जगह दूसरे दिन रात 10.52 बजे पहुंची। 15715 किशनगंज- अजमेर जक्शन तीन घंटे विलंब रही। 05625 कामाख्या-रोहतक एक्सप्रेस चार घंटे, 14007 आनंद बिहार एक्सप्रेस 3.34 घंटा, 55132 प्रयागराज मेमू कैंसल रही। 05625 कामाख्या एक्सप्रेस चार घंटे लेट पहुंची।
प्लेटफाॅर्म के गेट के बगल में सीवान का एक परिवार ट्रेन का इंतजार कर रहा था। मनोज कुमार ने बताया कि नौ घंटे बाद सुबह प्रयागराज के लिए ट्रेन है। टिकट अभी नहीं लेने के कारण प्लेटफॉर्म पर नहीं जा सकते हैं। वहीं, टिकट काउंटर हाॅल पैक होनेे के कारण गर्म होने से 40 से अधिक यात्री जहां-तहां बैठे व लेटे हुए थे। किसी की ट्रेन रात 11 बजे तो किसी की चार घंटे लेट से आधी रात को आने की संभावना थी। प्लेटफाॅर्म संंख्या एक पर दो नंबर गेट के सामने चबूतरे पर एक महिला यात्री अपने बच्चे को गोद में लेकर बैठी थी। उसके बगल में दो बच्चे लेटे थे, ठंड से बचने के लिए शाल ओढ़ाई थी। उसने बताया कि ट्रेन दो घंटे लेट है। ग्रामीण क्षेत्र की होने के कारण हमलोग शाम को ही स्टेशन पर आ गए। सीढ़ी के पास चबूतरे व उसके पास फर्श पर कुछ यात्री व उनके बच्चे छपरा की तरफ से आने वाली ट्रेन का इंतजार कर रहे थे।