छोटे लोहिया के पैतृक गांव के शुभनथई में 10वी पूर्णतिथि के मौके पर श्रद्धांजलि देते लोग।
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बैरिया। राजनीति का मकसद आदमी को बेहतर आदमी बनाने का होता है। उसके भीतर अपने ही परिवेश, अपने समाज और अपने ही तरह के दूसरे समुदायों के बीच मानवीय संवेदना पैदा करना होता है। जनेश्वर मिश्रा की राजनीति समाज को ऐसे रास्ते पर ले जाने की थी जो समाज को जोड़ता है, जो आदमी की सोच को बड़ा बनाता है। उक्त बातें शुभनथही में आयोजित छोटे लोहिया जनेश्वर मिश्र की 10 वीं पुण्यतिथि पर हुई गोष्ठी में समाजवादी विचारक व महाराष्ट्र वर्धा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति चितरंजन मिश्रा ने व्यक्त की।
कुलपति चितरंजन मिश्रा ने आगे कहा कि दुर्भाग्य से राजनीति में सुचिता और पारदर्शिता कम ही देखने को मिल रही है। राजनीति लोक लाज से चलती है, आज के अधिकांश राजनेताओं को लोक लाज की चिंता ही नहीं है। स्व. मिश्र ने राजनीति में काम करते हुए जो छाप छोड़ी है उस पर चल कर ही राजनीति अपने मकसद को हासिल कर सकती है। बैरिया विधायक सुरेन्द्र सिंह ने कहा कि स्व. मिश्र बहुत ही सहज, सरल व्यक्तित्व के थे। वे सही मायने में गरीबों के मसीहा थे। सपा जिलाध्यक्ष राजमंगल यादव ने कहा कि समाजवाद के चिंतक स्व. मिश्र की सादगी व समर्पण के भाव उन्हें और राजनेताओं से अलग करती है। आज के नेताओं को उनके राजनीतिक जीवन से सीखने की जरूरत है। इस मौके पर यशपाल सिंह, ब्लॉक प्रमुख विनय अंचल, मृत्युंजय उर्फ बबलू तिवारी, द्विजेन्द्र मिश्र, ओमप्रकाश उर्फ लालू यादव, सुदामा सिंह, विनायक मौर्य, उमाशंकर मिश्र, गगांराम चौबे, विजय कान्त सिंह, सचिन सिंह, रामेश्वर पांडेय, अमित तिवारी, वीरेश चौबे, अवध बिहारी चौबे, राज प्रताप यादव, शैलेश सिंह, जय प्रकाश यादव मुन्ना आदि रहे। पूर्व राज्य मन्त्री तारकेश्वर मिश्र ने आगंतुकों के प्रति आभार प्रकट किया।
सपा कार्यकर्ताओं जीरावस्ती जनेश्वर मिश्र की 10वीं पुण्यतिथि पर उनके प्रतिमा पर मल्यार्पण करते स?- फोटो : BALLIA
सपा कार्यालय पर जनेश्वर मिश्र की 10वीं पुण्यतिथि के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते पूर्व मंत?- फोटो : BALLIA