आखिर जाम के झाम से नगरवासियों को कब मुक्ति मिलेगी, यही सवाल हर नगरवासियों के मन में कौंध रहा है। दरअसल अतिक्रमण जाम की प्रमुख वजह है और इसे हटाने में जिला प्रशासन और नपा प्रशासन का संयुक्त अभियान हर बार फेल हो जाता है। जाम की समस्या के मद्देनजर अतिक्रमण तो हटाया जाता है लेकिन अभियान के दो या तीन बाद ही हालत फिर जस की तस बन जाती है।
नगर के चित्तू पांडेय चौराहे से स्टेशन रोड मालगोदाम और गड़वार रोड तक, स्टेशन रोड से चौक, फिर चौक से गुदरी बाजार तक यही आलम यह है कि सुबह छह बजते-बजते यहां ठेले-खोमचेवालों का तांता लग जाता है। जब कोई बड़ा अधिकारी आता है, हर रोड साफ हो जाते हैं।
सबसे दयनीय स्थिति स्टेशन रोड से चौक तक का है। यहां सड़क के बीचोबीच ठेले-खोमचेवाले लंबी कतार लगाते हैं। दूकानदार छह से आठ फीट तक सड़क जगह पर कब्जा किए हुए हैं। छात्रहित संघर्ष मोर्चा के जिलाध्यक्ष मिंटू खान और कामरेड परमात्मानंद राय का कहना है कि जिला और नपा प्रशासन का संयुक्त अभियान सिर्फ कागजी कोरम है।
अतिक्रमण मुक्त नगर बनाने के लिए हम प्रयासरत हैं। समय-समय पर अभियान भी चलाया जाता है। इसके स्थायी समाधान पर कार्यवाही चल रही है। बीते दिनों कई जगह बुल्डोजर आदि के माध्यम से अतिक्रमण हटवाया गया था। उम्मीद है जल्द ही पूरा नगर अतिक्रमण मुक्त होगा और जाम के झाम से लोगों को मुक्ति मिलेगी।
- संतोष कुमार मिश्र, ईओ (नपा)