बलिया। बेल्थरारोड तहसील क्षेत्र के कात्या गांव में जीवित व्यक्ति को राजस्व अभिलेखों में मृत दर्ज कर दिए जाने की शिकायत के बाद जांच शुरू हो गई है।
जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए हैं। अभिलेखों को दुरुस्त करने की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। शनिवार को बेल्थरारोड तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कात्या गांव निवासी चंद्रशेखर ने जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह और पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के समक्ष प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की है कि राजस्व अभिलेखों में उन्हें मृत दर्शाया गया है, जबकि वह जीवित हैं और अपने सभी कार्य सामान्य रूप से कर रहे हैं।
जिलाधिकारी ने संबंधित राजस्व अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल अभिलेखों में सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि आदेशों के अनुपालन में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उपजिलाधिकारी शरद चौधरी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि श्याम सुंदर, चंद्रशेखर और राजेंद्र तीन सगे भाई हैं। इनमें राजेंद्र की वर्ष 2018 में मृत्यु हो गई थी। वर्ष 2021 में अभिलेखों के संशोधन के दौरान राजस्व कर्मियों की लापरवाही से राजेंद्र के स्थान पर चंद्रशेखर को मृत अंकित कर दिया गया।
एसडीएम ने बताया कि पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है। साथ ही खतौनी एवं अन्य राजस्व अभिलेखों में आवश्यक संशोधन की कार्रवाई शुरू कर दी गई है ताकि पीड़ित को भविष्य में किसी प्रकार की प्रशासनिक अथवा कानूनी कठिनाई का सामना न करना पड़े।
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अभिलेखों की विश्वसनीयता पर उठे सवाल
इस घटना ने राजस्व अभिलेखों के रखरखाव और सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी लापरवाही से आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने मामले में दोषी कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।