जिले में ई-डिस्ट्रिक्ट के तहत आवेदनों के निस्तारण में लापरवाही की जांच जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम के निर्देश पर शुरू हो गई है। सदर तहसील प्रशासन की माने तो शहर के एक लेखपाल पर कार्रवाई तय है। अमर उजाला ने चार अगस्त के अंक में सुधर नहीं पा रही ई-डिस्ट्रिक्ट योजना शीर्षक से खबर प्रकाशित कर अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया था।
बताया जाता है कि ई-डिस्ट्रिक्ट के तहत खासकर आय और जाति प्रमाण पत्रों के निस्तारण में लेखपालों द्वारा मनमानी की जा रही है। कई लेखपालों की ओर से निर्धारित समय से अधिक दिनों तक आवेदनों को लंबित रखकर उसे निरस्त भी कर दिया जाता है। वर्तमान में सदर तहसील के लेखपालों सोहांव के प्रितेश कुमार यादव तथा शहर के सतीश तिवारी का मामला सामने आया है। अमर उजाला में खुलासा के बाद डीएम ने सदर तहसीलदार को जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया है।
सदर तहसीलदार जितेंद्र सिंह ने बताया कि ई-डिस्ट्रिक्ट में लापरवाही समेत कई मामले की जाँच की जा रही है। बताया कि शहर के एक लेखपाल के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ई-डिस्ट्रिक्ट योजना में किसी तरह की शिकायत आने पर उसे गंभीरता से लिया जाएगा। सरकार की योजनाओं को आम जन तक पहुंचाने में लापरवाह लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जांच कराई जा रही है।
मालूम हो कि ग्रामीणाें को घर बैठे आठ विभागाें की 26 सुविधाएं देन के लिए वर्ष 2012 में शासन की ओर से इन सेवाओं को आनलाइन करते हुए जनसेवा केंद्र स्थापित कराए गए थे। ई-डिस्ट्रिक्ट योजना के तहत 15 दिनों के अंदर आवेदनों का निस्तारण करना होता है। कई ग्रामीण क्षेत्रों से लेखपालों की शिकायत की जा रही थी कि उनके जाति प्रमाण पत्र समेत अन्य मामलों में लेखपाल द्वारा बिना कार्रवाई किए ही वापस कर दिया गया।