पत्रकारों से बातचीत करते जल शक्तिमंत्री स्वतंत्रदेव सिंह। वीडियो ग्रैब
बलिया। नेपाल पर संकट के समय भारत हर तरह से साथ है। प्रधानमंत्री पूरी तरह से नेपाल के हालात पर नजर रखे हैं। पड़ोसी देश होने के कारण मदद पहुंचाई जा रही है। संकट के समय एक दूसरे का साथ देना चाहिए। नेपाल की जल त्रासदी से प्रदेश में कोई खतरा नहीं है। फिर भी सरकार हर पल सतर्क है।
जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने ये बातें शनिवार को डाकबंगले में मीडिया से बातचीत में बोल रहे थे। कहा कि बलिया में सरयू के कटान की जानकारी हुई है। कटान पीड़ितों तक राहत पहुंचायी जा रही है। कटान से हुए नुकसान व कटान रोकने के उपाय का सर्वे कराया जा रहा है। पीड़ितों की कठिनाइयों को कम करने का प्रयास जारी है। सरकार बाढ़ को लेकर पहले से ही तैयारी कर ली है। कटान पीड़ितों की पूरी मदद सरकार की तरफ से की जाएगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 2017 में मुख्यमंत्री बने, तब से वह दिन-रात बाढ़ की समस्या से जूझने में लगे हैं ताकि किसी प्रकार राज्य में कोई कठिनाई न आए। उन्होंने कहा कि 2017 के पहले बांध कट जाते थे और भारी नुकसान होता था लेकिन उसके बाद सभी बांध सुरक्षित हैं तथा जितनी परियोजना है, समय से पूर्ण होती है।
उन्होंने कहा, आज हमारी सौ फीसदी परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। नेपाल से जो त्रासदी है और पानी आने की संभावना थी, लगता था कि वाल्मीकि बैराज गंडक पर नारायणी नदी से प्रवेश होगा, लेकिन सभी अधिकारी और कर्मचारी लगे रहे। उन्होंने कहा कि बैराज पर पानी का दबाव नहीं है और कोई खतरा राज्य के अंदर नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि बाढ़ की आशंका वाले सभी जिले सुरक्षित हैं।