बलिया। बांसडीह तहसील क्षेत्र में बंधा उस पार के 25 गांवों का सरयू ने तीन साल में अस्तित्व ही मिटा दिया है। गांव वाले बंधे पर शरण लिए हुए हैं।
दो बड़ी नदी गंगा व सरयू के बीच बसे जिले में हर साल बाढ़ जमकर तबाही मचाती है। हर साल करोड़ों की परियोजना पर काम होता है, लेकिन बाढ़ के समय पीड़ितों को भगवान भरोसे रहना पड़ता है।
गंगा व सरयू का जलस्तर उच्च स्तर पर पहुंचता है तो जिले की सदर तहसील, बांसडीह, बैरिया, सिकंदरपुर, रसड़ा व बेल्थरारोड की 423234 आबादी प्रभावित होती हैं। बाढ़ के समय पीड़ितों के सामने रहने, खाने, पीने, इलाज आदि के साथ पशुओं के रखने व चारे की समस्या होती है।
शहर के माल्देपुर-खोड़ीपाकड़ के अलावा महावीर घाट पर भी गंगा नदी का कटान होता है। माल्देपुर के सामने नदी की धारा एनएच-31 से मात्र 150 मीटर रह गई है। वहीं, बैरिया तहसील क्षेत्र के दूबेछपरा, रामगढ़ के पास नदी पिछले वर्ष ही तबाही मचाई थी।