बलिया। जनपद की सात विधानसभा सीटों में एक मात्र सुरक्षित विधानसभा बेल्थरारोड ऐसी सीट है जहां से सभी दलों ने इस बार नए चेहरे पर दांव खेला है। पुराने सियासी अखाड़े में उतरे नए धुरंधर जहां मतदाताओं को अपने पक्ष में रिझाने के लिए जुटे हैं वहीं अखाड़े के पुराने धुरंधर किनारे बैठे हैं या अपने दल के प्रत्याशी के लिए समर्थन मांग रहे हैं। हालांकि कुछ चेहरे किसी दूसरे दल से इस सीट से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन इस बार मतदाताओं को नया विधायक मिलना तय है।
भाजपा के साथ ही सपा से गठबंधन कर मैदान में उतरी सुभासपा, बसपा, कांग्रेस ने भी नए चेहरे पर भरोसा जताया है। जनपद की किसी अन्य विधानसभा में इस बार ऐसा सीन नहीं है। नाम वापसी के बाद अन्य सीटों की तरह इस सीट से भी प्रचार-प्रसार के साथ ही जोड़-तोड़ की राजनीति तेज हो गई है। रसड़ा, फेफना, बलिया नगर, बैरिया, बांसडीह, सिकदरपुर और बेल्थरारोड विधानसभी सीटों पर प्रचार-प्रसार जोरों पर है। सभी राजनीतिक दलों के प्रत्याशी जोर आजमाइश कर रहे हैं। बेल्थरारोड विधानसभा सीट से भाजपा ने बसपा से आए छ्ट्ठू राम पर भरोसा जताया है। छट्ठू राम एक बार पहले बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। सपा-सुभासपा गठबंध से ये सीट सुभासपा को मिली है। सुभासपा से एक नया चेहरा हंसू राम मैदान में है। वो गोरखपुर के रहने वाले है। बसपा से प्रत्याशी बने प्रवीण प्रकाश एक बार सुभासपा से यहां से चुनाव ल़ड़ चुके हैं, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। वो भी विधायक बनते हैं तो ये पहली बार होगा। वहीं कांग्रेस से गीता गोयल भी नया चेहरा हैं। वर्ष 2017 में भाजपा से विधायक रहे धनंजय कन्नौजिया, सपा से पूर्व विधायक गोरख पासवान जैसे चेहरे इस बार बाहर रहेंगे।
सबसे ज्यादा निर्दलीय प्रत्याशी है मैदान में
बलिया। विधानसभा सीट पर निर्दलीय प्रत्याशियों की संख्या भी सबसे ज्यादा है। अन्य सीटों पर जहां तीन से चार निर्दलियों ने नामांकन किया है, वहीं बेल्थरारोड विधानसभा सीट पर सबसे ज्यादा छह निर्दलीय प्रत्याशी है। बैरिया विधानसभा में तो एक भी निर्दलीय नहीं है।
विधानसभा का चुनावी तापमान बढ़ा
बेल्थरारोड। चुनाव चिह्न आवंटित होने के बाद विधानसभा चुनाव का तापमान बढ़ गया है। छुटभैये नेताओं की चांदी कट रही है। प्रत्याशियों व समर्थकों की चहलकदमी से सुनसान और वीरान रहने वाले गांव के रास्ते फिर से गुलजार हो गए हैं। अलसुबह से देर रात तक ग्रामों के भ्रमण का सिलसिला जारी है। इस दौरान जातिगत मतों को सहेजने और अन्य बिरादरी के मतों को अपने पाले में डालने के लिए प्रत्याशियों द्वारा कोई कोर कसर नहीं छोड़ा जा रहा है। नगर क्षेत्र चट्टी-चौराहों के चाय पान की दुकानों पर सिर्फ और सिर्फ चुनाव को लेकर चर्चाएं हो रही हैं। हर दल के प्रत्याशियों के समर्थक अपना तर्क देकर जीतने का दावा करते फिर रहे हैं। चुनाव में किसका पलड़ा भारी होगा, यह 10 मार्च को स्पष्ट होगा।
कुल प्रत्याशी-13
कुल मतदाता-353716
पुरुष-191845
महिला-161919
अन्य-12