परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों के प्रति लोगों का रुझान बढ़ाने के लिए भले ही स्कूली बच्चे और शिक्षक जागरूकता रैली निकाल रहे हैं। लेकिन इसका असर शिक्षा क्षेत्र रेवती अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय परसिया में देखने को नहीं मिल रहा है। यहां दो सालों से शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से बेपटरी हो गई है। यह स्कूल विभागीय जांच के दिन ही खुलता है और उस दिन यहां सबकुछ ओके होता है। इस विद्यालय में दो शिक्षकों की तैनाती हैं लेकिन वे स्कूल नहीं आते।
लगभग दो वर्ष पूर्व प्रधानाचार्य अजय यादव के कार्यकाल में स्कूल में कुल 60 बच्चों का नामांकन था। एक सहायक अध्यापक रवि राय और दूसरा शिक्षामित्र जो कि वर्तमान में समायोजित होने के बाद इसी स्कूल में सहायक अध्यापक बन गए हैं। इनके सहारे किसी तरह स्कूल का संचालन हो रहा था। हाल के लगभग एक वर्ष पूर्व प्रधानाचार्य अजय यादव चूंकि एनपीआरसी बन गए हैं। लिहाजा अपना चार्ज सहायक अध्यापक सुमन वर्मा को दे दिए।
बस...इनके कार्यकाल में पहले बच्चों की संख्या घटकर 40 हुई और अब वर्तमान में बच्चों की संख्या मात्र 25 है। लेकिन इधर तीन महीने से लोगों की मानें तो बमुश्किल तीन या चार ही दिन स्कूल का ताला खुला है और इधर एक अप्रैल से नया सत्र शुरू होने के बाद एक तरफ जहां हर स्कूलों से स्कूल चलो रैली निकाली जा रही है। दो शिक्षक तथा एक रसोइया बसमतिया देवी स्कूल आते हैं, बस साइड गेट खोलकर हाजिरी लगाने के लिए।