बैरिया। ग्रामीण मजदूरों को गांव में ही रोजगार देने के उद्देश्य से महत्वाकांक्षी योजना मनरेगा अब विकसित भारत- रोजगार व आजीविका गारंटी मिशन-ग्रामीण(वीबी जी रामजी) महज दिखावा साबित हो रही है। 13699 मजदूरों के सापेक्ष बैरिया विकासखंड में 9 माह के अंदर सिर्फ 25 मजदूरों को ही 100 दिन का काम मिला है।
विभाग के आंकड़ों के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025-26 में बैरिया ब्लॉक में महज 0.25 प्रतिशत जॉब कार्डधारकों को ही 100 दिन का काम मिल पाया है। आलम यह है कि रोजगार की गारंटी बैरिया ब्लॉक में एक प्रतिशत भी पूरी नहीं हो सकी।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में अप्रैल से दिसंबर तक करीब 9 महीने के दौरान 30 हजार मानव दिवस सृजित किए गए। विभाग से 75 हजार मानव दिवस का लक्ष्य दिया गया था। 100 दिन के रोजगार की गारंटी अधिकांश श्रमिकों के लिए सिर्फ कागज तक सीमित रह गई। बैरिया ब्लॉक क्षेत्र में कल 30 ग्राम पंचायत में कुल 12600 जॉब कार्ड धारक बनाए गए हैं। इसमें 13699 मजदूर रजिस्टर्ड हैं, लेकिन मनरेगा में कम मजदूरी मिलने व समय से मजदूरों का मजदूरी भुगतान न होने के वजह से 3871 मजदूर ही सक्रिय हैं।