रविवार को जिला कारागार में कैदियों और बंदी रक्षकों के बीच खूनी संघर्ष के प्रकरण में शासन ने जेलर दीपांकर भारती को निलंबित कर दिया। उप महानिरीक्षक कारागार आरपी सिंह ने इसकी पुष्टि की।
कहा कि जेलर को कैदियों के ऊपर नियंत्रण न रखने, पगली घंटी न बजाने आदि के मामले में दोषी पाया गया है। रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। इसके आधार पर जेलर के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की गई है।
उधर सूत्रों की मानें तो कैदी मामले में जेल अधीक्षक को दोषी बता रहे हैं। जिन्हें बचाने की कोशिश हो रही है। बता दें कि रविवार को जिला कारागार में बंदी रक्षकों के खिलाफ कैदी भड़क गए थे।
कैदियों ने बंदी रक्षक रवींद्र कुमार की पिटाई कर दी थी। कई घंटे तक जेल में अराजकता का माहौल रहा था। काफी मशक्कत के बाद जेल एवं जिला प्रशासन ने जेल को कैदियों से मुक्त कराया था। जेल के अंदर इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद पगली घंटी नहीं बजाई गई थी।
इससे नाराज बंदी रक्षक जेल के मुख्य गेट का ताला बंद कर धरने पर बैठ गए थे। जिला प्रशासन ने किसी तरह मुख्य गेट का ताला खुलवाया। घटना के मद्देनजर जेल के मुख्य गेट पर पीएसी तैनात कर दी गई थी। तीन दिन से पीएसी वहीं कैंप कर रही है।
उध्ार, जिला कारागार परिसर में बुधवार को भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और जेल में रविवार को हुई घटना की न्यायिक जांच की मांग को लेकर भाजपा विधायक उपेंद्र तिवारी धरने पर बैठ गए। उनके साथ पार्टी के जिलाध्यक्ष देवेंद्र यादव भी थे। उनका आरोप है कि जेल प्रशासन कैदियों के साथ ज्यादती कर रहा है।
अवैध वसूली के लिए कैदियों को प्रताड़ित कर रहा है। इससे कैदी भूख हड़ताल करने पर मजबूर हुए हैं। भूख हड़ताल कर रहे कैदियों से विधायक और भाजपा जिलाध्यक्ष मिलने पहुंचे थे। पहले तो उन्हें दो घंटे तक इंतजार कराया गया, इसके बाद मना कर दिया गया।