सर्वोच्च न्यायालय के आह्वान पर जिला विधिक सेवा प्रधिकरण के तत्वावधान में सिविल कोर्ट परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न प्रकार के समनीय मामलों का निस्तारण आपसी सुलह समझौते के आधार पर किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला जज चंद्रहास राम ने दीप प्रज्ज्वलित कर राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि देश में वादों का निस्तारण समय से न होने के चलतेे अदालतों पर मुकदमों का भार बढ़ता जा रहा है। जिसके निपटारे के लिए सर्वोच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से मुकदमों को कम करने का फरमान जारी किया है। जिसके आधार पर प्रत्येक माह एक नियत तिथि को लोक अदालत का आयोजन किया जाता है। वादों के निपटाने में बैंकों, राजस्व विभाग, विद्युत विभाग सहित अन्य विभागों का सराहनीय योगदान है। इस दौरान अपर जिला जज सुशील कुमार शशि की अदालत में दो मोटर दुर्घटना प्रतिकर से संबंधित वाद का निस्तारण किया गया।
जिसमें तीस हजार रुपए प्रतिकर दिलाया गया। सिविल वाद के रूप में कुल चार मुकदमों का निपटारा किया गया। जिसमें एक किराया अधिनियम तथा तीन उत्तराधिकार के मुकदमें निपटाएं गए। इसके अलावा तीन अपराधिक वादों का निपटारा किया गया। भारतीय स्टेट बैंक, पूर्वांचल बैंक , सेंट्रल बैंक, यूृनियन बैंक सहित अन्य बैंकों ने अपने-अपने स्टाल लगाकर लंबे समय से चल रहे ऋण वादों का निपटारा किया। पूर्वांचल बैंक द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत में अपने 80 शाखाओं के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराई। कुल 578 बकाएदारों द्वारा 270.35 लाख जमा कराकर सुलह समझौते के माध्यम से आपस में मामले का निस्तारण कराया गया। इस मौके पर अपर जिला जज मनोज कुमार राय, सुशील कुमार शशि, अश्वनी कुमार सिंह, सीडीओ केबालाजी, एडीएम खेमपाल सिंह, सिविल बार के अध्यक्ष जयप्रकाश उपाध्याय, सहित न्यायिक अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। संचालन प्रधाधिकरण के सचिव रत्नेशमणि त्रिपाठी ने किया।