हिंदू महासभा के नेता कमलेश तिवारी के बयान से खफा मुस्लिम समाज के लोग शुक्रवार को सड़क पर उतर आए। इस दौरान उन्होंने जमकर नारेबाजी की और हाथों में तख्तियां लिए चल रहे थे।
वक्ताओं ने कहा कि हम अल्लाह के बंदे हैं और हमारी हकीकत है मुहम्मद। लिहाजा मुसलमान सब कुछ बर्दाश्त कर सकता है। मगर अपने नबी की शान में गुस्ताखी कभी बर्दाश्त नहीं कर सकता।
इस्लाम अमन का मजहब है और कभी भी किसी भी धर्म के रहनुमा को बुरा कहने की इजाजत नहीं देता। अल्लाह के नबी फरमाते हैं कि अगर तुम किसी के रहनुमा को बुरा कहोगे तो वह भी तुम्हारे पेशवा को बुरा कहेगा।
कहा कि ऐसे लोगों को फांसी पर लटकाया जाना बेहद जरूरी है। ताकि आइंदा कभी भी कोई रसूल की शान में गुस्ताखी करने की हिम्मत या जुर्रत न करें।
जुलूस हाफिज व कारी मुख्तार साहेब की रहनुमाई में जुलूस की शक्ल में जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया गया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष अकबर खां, पिंटू खान, इबरार खान, इसरार अहमद, नेहाल अहमद, मौलाना असरफ रजा, साकिब, पप्पू आदि रहे।