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सुधरी बिजली तो बदहाल सड़क और स्वास्थ्य ने रुलाया

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फेफना/नरही। वर्ष 2012 के पहले कोपाचिट नाम से जानी जाने वाली फेफना (360) विधानसभा की सीट राजनीतिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। तीन लाख से अधिक मतदाताओं वाली इस विधानसभा में सभी जाति व धर्म के लोग हैं। 2012 व 2017 के दो चुनावों में भाजपा के उपेन्द्र तिवारी ने जीत दर्ज किया। इस बार इनके प्रतिद्वंद्वी भी सपा के संग्राम सिंह यादव नए नहीं है। पिछले दोनों चुनावों में भी संग्राम सिंह प्रत्याशी रहे हैं।
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गंगा के कटान व बाढ़ से इस विधान सभा की अधिकतर जनसंख्या परेशान रहती है। जहां संतोषजनक बिजली आपूर्ति व बेहतर कानून व्यवस्था को लोगों द्वारा स्वीकार किया गया वहीं बदहाल सड़कें व स्वास्थ्य व्यवस्था का आरोप सरकार के माथे पर है। पिछले दो चुनावों में मुख्य प्रतिद्वंद्वी रहे पूर्वमंत्री अंबिका चौधरी ने विधायक पर आरोप लगाया कि गांवों की बेनामी जमीनों को अपने नाम करने का काम किया। इसके अलावा पशु तस्करी, बालू तस्करी, शराब तस्करी, अवैध खनन चरम पर है। विकास का कहीं कोई नामोनिशान नहीं दिख रहा है।
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कुल मतदाता -300777
पुरुष -163392
महिला -137383
अन्य -2
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70 वर्षों में जितना नहीं हुआ उससे अधिक विकास कार्य कराया
फेफना के विधायक व सरकार में मंत्री रहे उपेन्द्र तिवारी ने बताया कि जितने कार्य पिछले 70 साल में नहीं हुआ था उतना मैंने अपने कार्यकाल में कराया है। विधान सभा क्षेत्र को विकास के मामले इस कदर पिछड़ा बना दिया गया था कि उसे सुधारने में काफी वक्त लगा। विधान क्षेत्र की चर्चित सड़क थी भरौली-टुटुवारी मार्ग जो दशकों तक बदहाल रही। दर्जनों गांवों के लोगों को आवागमन के लिए जूझना पड़ता था। आज इस मार्ग पर वाहन फर्राटे भरते हैं। यह तो बानगी भर है। कई गांवों में संपर्क मार्ग दुरुस्त नहीं थे आज वहां की स्थिति देखी जा सकती है। बिजली के लिए लोगों को जूझना पड़ता था, इस तरह की मूलभूत सुविधाओं पर मेरा जोर रहा और काफी हद तक दुरुस्त किया है। अगर जनता ने मौका दिया तो विधान सभा क्षेत्र को विकास के मामले और आगे बढ़ाने का काम करेंगे।
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गिनाईं उपलब्धियां
- सागरपाली से कोट मंझरिया तक 11 किमी सम्पर्क मार्ग का चौड़ीकरण- बड़का खेत से कथरिया तक 6 किमी तक मार्ग का चौड़ीकरण
- गड़वार जनऊपुर से रतसड तथा दौलतपुर से फिरोजपुर तक सड़क
- नरही से कारो तक मार्गो का चौड़ीकरण- चितबड़ागांव, फिरोजपुर, चेरुइया आदि गांवों में पक्का पुल
- कैथवली में विद्युत सब स्टेशन- फेफना में ऑक्सीजन व एयर कंडीशन से युक्त कोविड अस्पताल का निर्माण।-----------
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प्रतिद्वंद्वी की बात
पिछले चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे बसपा प्रत्याशी एवं पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी ने बताया कि पगडंडी को हमने मुख्य मार्ग से जोड़ने का काम किया। जिसमें विसुकिया, रामपुर, धर्मापुर गोसलपुर बंधा मार्ग, चितबड़ागांव टाउन एरिया, नगवां गाई, अख्तियारपुर को सीधे जोड़ने का काम किया। चितबड़ागांव में 132 केवीए का विद्युत सब स्टेशन, व पांच 33/11 का सब स्टेशन दिया। टोंस नदी पर थम्हनपुरा घाट पर पुल, कथरिया-सोनवानी गाजीपुर को जोड़ने वाला पुल के साथ ही धर्मापुर रेलवे सम्पार के साथ ही बलिया मॉडल तहसील तो बनवाया ही कलेक्ट्रेट भवन का सुन्दरीकरण कराया। किसान दुर्घटना बीमा सपा सरकार में लाभ दिया गया सपा की सरकार बनने पर किसानों को फ्री में बिजली के साथ ही युवाओं को रोजगार देने के साथ छात्र छात्राओं को लैपटॉप भी दिया जाएगा।
आरोप--
-- फेफना विधानसभा के गांवों में सौहार्द को नफरत में बदलने का काम किया गया है।
-- खेल मंत्री रहते खेल सामग्री में बड़े पैमाने पर घोटाला।
-- घोघिलवा मौजा में नाले की जमीन पर कब्जा।
-- गांव की बेनामी जमीन अपने नाम करना।
-- इलाके में गोवध तस्करी, शराब तस्करी, सफेद बालू खनन में संलिप्तता।
-- मेरे कार्यकाल में विद्युत सब स्टेशन के निर्माण कार्य को अपना बताना।
-- कटान रोधी कार्य तथा सड़क निर्माण कार्य में सरकारी धन की जमकर लूटपाट।
विधायक निधि
--सड़कों की व्यवस्था सुधारी।
--लोगों के स्वास्थ्य पर किया कार्य।
-- गांवों में ओपेन जिम निर्माण का कार्य।
-- गांवों में बिजली व्यवस्था सुधारने का काम।
वोटरों की बात-
क्रय केंद्र सुचारू रूप से नहीं चले। छुट्टा पशुओं तो खेती का सर्वनाश कर दिए हैं। पुराने बिजली के तारों को नहीं बदला गया जिसके कारण प्रतिवर्ष तार टूटने से आग लगती है और सैकड़ों बीघे गेहूं की फसल राख हो जाती है। प्रदेश स्तर पर तो सरकार ठीक है लेकिन विधान सभा स्तर पर विधायक पूरी तरह फेल हैं।
- कमलेश सिंह, किसान, गंगहरा
केंद्र व प्रदेश की सरकार ने बहुत कल्याणकारी योजनाएं लागू की है, लेकिन स्थानीय स्तर पर अत्यधिक भ्रष्टाचार है। शिकायतों का त्वरित निस्तारण नहीं होता। बिजली व्यवस्था व किसानों के हित में कार्य हुआ है लेकिन भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश नहीं लग सका है।
- ब्रजेश गिरि, वायना, एडवोकेट हाईकोर्ट
इस विधानसभा में एनएच 31 सड़क पर गड्ढामुक्त का दावा खोखला साबित हुआ। सड़क गढ्डामुक्त हो तथा युवाओं को रोजगार मिलना चाहिए। इसके अलावा आम जनता महंगाई से भी परेशान है, इसका हल होना चाहिए।
- गोपाल राय
यह इलाका गड़हांचल के नाम से जाना जाता है। किसानों को बाढ़ की विभीषिका से बड़े पैमाने पर नुकसान होता है। बाढ़ और कटान का रोकथाम जरूरी है। लेकिन इस दिशा में बहुत काम नहीं किया गया। ऐसे में लोगों को इसकी मार झेलनी पड़ रही है।
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- चितरंजन सिंह
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