बलिया। जिले में शहर, तहसील और ब्लॉक मुख्यालयों पर अवैध टैक्सी, टेंपो, बस और ई रिक्शा स्टैंड धड़ल्ले से चल रहे हैं। अफसरों ने अवैध वाहन स्टैंड सिर्फ कागजों पर हटाए हैं, हकीकत में ये स्टैंड अधिकतर स्थानों पर चल रहे हैं। अवैध स्टैंड के कारण रोजाना जाम लगता है। इसमें फंसकर आम और खास लोग परेशान हो रहे हैं।
पिछले वर्ष ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवैध वाहन स्टैंड को शहर से बाहर करने का निर्देश दिया था। इसके बाद भी यातायात पुलिस पर मुख्यमंत्री के आदेशों का भी कोई असर नहीं हो रहा है। सख्ती होने पर एक-दो दिन पुलिस सक्रिय होती है उसके बाद मिलीभगत से अवैध स्टैंड संचालित होने लगते हैं। शहर में न डग्गामार गाड़ियों की भीड़ कम हुई न भीड़ वाले इलाकों से अवैध स्टैंड हटाए जा सके हैं। एक-दो दिन अभियान जरूर चलाया जाता, लेकिन इसके बाद फिर आंखें बंद कर ली जाती हैं। शहर का कोई ऐसा रूट नहीं है जिस पर डग्गामार गाड़ियों की भरमार न हो। घनी आबादी के बीच इनके अड्डे हैं। यह डग्गामारी शहर में जाम की भी प्रमुख वजह है।
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इन स्थानों पर संचालित होते हैं अवैध स्टैंड
शहर में मालगोदाम, रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस स्टैंड के बगल में, महुआ मोड़, गड़वार रोड़, दिमागी चट्टी, कुंवर सिंह चौराहा, एनसीसी तिराहे पर अवैध वाहन स्टैंड का का संचालन होता है। ये सभी भीड़ वाले इलाके हैं। डग्गामार गाड़ियों की वजह से अक्सर जाम लगता है। पुलिस फिर भी इन्हें नजरअंदाज करती हैं। यातायात पुलिस की भूमिका इसमें संदिग्ध बनी हुई है।
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ऑटो और ई रिक्शा के अवैध अड्डों से हर चौराहा जाम
शहर में ऑटो-टेंपो और ई-रिक्शा ने हर चौराहे को अपना अड्डा बना रखा है। कई बार ऑटो-टेंपो और ई-रिक्शा की इस कदर भरमार होती है कि जाम लग जाता है। मालगोदाम, रेलवे स्टेशन, गड़वार रोड़, महुआ मोड़ और कुंवर सिंह चौराहा और एनसीसी तिराहे के आसपास अक्सर यही नजारा दिखता है। इसके अलावा चित्तू पांडे चौराहा, जिला अस्पताल के पास इस वजह से सबसे ज्यादा जाम लगता है।
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समय-समय पर अवैध वाहन स्टैंड और डग्गामार वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया जाता है। बीच-बीच में इनके खिलाफ कठोर कार्रवाई भी की जाती है और निर्देशित भी किया जाता है कि नगर पालिका अपने लिए वाहन स्टैंड की व्यवस्था कराएं। शीघ्र ही सड़कों पर मनमाने तौर पर वाहन खड़ा कर सवारी बैठने वाले वाहन चालकों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। - गौरव कुमार,पुलिस उपाधीक्षक (यातायात), बलिया।