इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षा में पोर्टल पर अपलोड कराई गई सूचनाओं के आधार पर यदि कोई अयोग्य शिक्षक परीक्षक नियुक्त हुए तो इसके लिए संबंधित प्रधानाचार्य उत्तरदायी होंगे। विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के विवरणों को संशोधित, अपडेट करने के लिए परिषद की वेबसाइट 23 नवंबर से 5 दिसंबर तक का समय दिया है।
यूपी बोर्ड के सचिव दिव्यकांत शुक्ल की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि इंटरमीडिएट प्रयोगात्मक परीक्षा का आयोजन 25 जनवरी से हो रहा है। प्रयोगात्मक परीक्षा शुचितापूर्ण हो सके इसके लिए प्रधाधाचार्यों को निर्देशित किया गया है। माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर उनकी ओर से विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के जो विवरण अपलोड कराए गए हैं, उनकी एक बार पुन: पूरी सतर्कता एवं गहनता से जांच करा लें। विशेषकर शिक्षकों की अर्हता एवं हाईस्कूल अथवा इंटरमीडिएट के जिस विषय के अध्यापन के लिए उनकी नियुक्ति की गई है। उस विषय का कोड एवं विषय के नाम की सावधानी पूर्वक जांच कर ली जाए। ताकि कोई शिक्षक किसी गलत विषय में परीक्षक नियुक्त न हो सके।