साहित्यकारों, पत्रकारों और गीतकारों ने मंगल पांडेय को अपनी लेख तथा रचनाओं में एक से बढ़कर एक ओहदों से नवाजा। किसी ने रणबांकुरे तो किसी ने मंगल मर्दाना और बागी बलिया तो किसी ने कुछ और ऊंचे-ऊंचे अल्फाजों से नवाजा। लेकिन उनके नाम से धरातल पर आज कुछ भी नजर नहीं आ रहा है।
बात 1972 की है, जब मंगल पांडेय के पैतृक गांव नगवां में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री जगजीवन राम ने उनकी स्मृतियों को सजोने एवं संवारने का आश्वासन दिया। उनके बाद भी कई छोटे-बड़े नेता एवं अधिकारी मंगल पांडेय के गांव पहुंचे और श्रद्धांजलि दी साथ ही विकास का वादा भी किया। वर्ष 2005 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने मंगल पांडेय के विशालकाय प्रतिमा का अनावरण एवं स्मारक का लोकार्पण करने के साथ ही नगवां में राजकीय महिला महाविद्यालय बनाने की घोषणा की। जिसका निर्माण कार्य 2006 से कच्छप गति से चला आ रहा है। जबकि इस विद्यालय में 500 से ऊपर छात्राएं स्मारक सोसाइटी के सभाकक्ष में अध्ययन कर रही हैं। मंगल पांडेय के पैतृक गांव पहुंचे सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने भी क्षेत्र के विकास का वादा किया था, जो आज तक आधा-अधूरा ही रह गया। इसके बाद बसपा की सरकार में तत्कालीन माध्यमिक शिक्षा मंत्री रंगनाथ मिश्र तथा सांस्कृतिक मंत्री सुभाष पांडेय एवं धर्मार्थ कार्यमंत्री राकेशधर त्रिपाठी ने शहीद की धरती पर विकास का वादा किया, वह भी हवा-हवाई साबित हुआ।
हालांकि स्थानीय लोग मंगल पांडेय की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश की मांग शुरू से करते आ रहे हैं। लेकिन केंद्र और राज्य की सरकारों ने इस पर आज तक विशेष ध्यान नहीं दिया। जिसका मलाल हमेशा बलियावासियों को रहता है। वहीं लोकसभा के चुनाव में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने चुनावी सभा के दौरान बलिया में मंगल पांडेय की वीरता का बखान मंच से करते हुए ट्विटर पर भी अंकित किया। लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद अन्य नेताओं की तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मंगल पांडेय की कुर्बानी और बलिदान को भूल गए। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि शहीद के वीरता का बखान नेता मंच से तो करते हैं। लेकिन धरातल पर उनके कार्य कहीं नजर नहीं आ रहे हैं। मंगल पांडेय विचार मंच के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने चुनावी दौरे में एक से बढ़कर जैसे सार्वजनिक अवकाश, यूनिवर्सिटी और भारत रत्न देने की वकालत की। लेकिन नतीजा सिफर ही निकला। जिससे आज भी लोगों में मायूसी है।