बलिया। सपा छोड़ भाजपा में शामिल पूर्व मंत्री नारद राय की फेफना विधानसभा क्षेत्र में सक्रियता बढ़ गई है। दो दिन पूर्व उनके बयान से राजनीतिक गलियारों में कयासों का दौर चल रहा है।
पूर्व मंत्री नारद राय ने चुटीले अंदाज में कहा कि मैं बेचैनी की दवा हूं। मैं एलोपैथ नहीं, आयुर्वेदिक दवा हूं। होम्योपैथिक को धीरे-धीरे लीजिए और स्वस्थ रहिए। अगर जल्दी में हैं तो अंग्रेजी दवा लीजिए, नहीं ठीक हुए तो हार्ट अटैक और मौत तय है। उनका यह बयान सीधे तौर पर उनके विरोधियों पर कटाक्ष माना जा रहा है। नारद राय बलिया सदर सीट से दो बार विधायक और मंत्री रह चुके हैं। अब वे फेफना सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे हैं।
इधर, फेफना से भाजपा के पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी और सपा के मौजूदा विधायक संग्राम सिंह यादव पहले से ही सक्रिय हैं। ऐसे में नारद राय के मैदान में उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय और बेहद दिलचस्प हो गया है। दो पूर्व मंत्रियों के आमने-सामने आने से यह सीट बलिया की सबसे हॉट सीट बन गई है। अब देखना है कि नारद राय का यह बयान सियासी समीकरणों पर कितना असर डालता है।