करीब 22 साल पहले विवाहिता को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के आरोपी पति आैर जेठानी पर दोष साबित होने कोर्ट ने पांच-पांच साल का सश्रम कारावास तथा पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम अश्विनी कुमार सिंह की अदालत में हुई।
अभियोजन के अनुसार वादी मुकदमा बैरिया थाना क्षेत्र के इब्राहिमाबाद निवासी महंत सिंह ने रेवती थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि मेरे भाई की लड़की रीता की शादी 1992 में रेवती थाना क्षेत्र के शिवपुर दतहां रामाधार सिंह के साथ हुई थी। शादी के बाद उसके पति रामाधार सिंह व जेठानी उम्रावती सिंह दहेज के लिए बराबर प्रताड़ित करते थे।
इससे आजिज आकर रीता ने अपने गले में फंदा लगाकर दिनांक 17 जून 1994 को आत्महत्या कर ली। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज होने तथा आरोप पत्र प्रेषित होने के बाद कोर्ट ने सुनवाई करते हुए आरोपीगण रामाधार सिंह-46 और उम्रावती-44 के विरुद्ध दोष साबित पाकर पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास तथा पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया।
अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। अभियोजन की ओर से एडीजीसी हर्ष नारायण प्रसाद तथा बचाव पक्ष से वरिष्ठ अधिवक्ता पीएन सिंह ने पैरवी की।