बलिया। न्यायालय विशेष न्यायाधीश (ईसीएक्ट) जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में गौतम यति निवासी सरयां बगडौरा नगरा को पांच वर्ष का कारावास व पांच हजार रुपया के अर्थदंड से दंडित किया है। नगरा थाना के डिहवा निवासी धर्मराज गिरी ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि चेचेरी बहन ऊषा की शादी 15 वर्ष पूर्व गौतम यती निवासी सरया बगडौरा दादा के छपरा के साथ शादी हुई थी। जिससे तीन बच्चे हैं।
गौतम यति की मानसिक हालत ठीक नहीं है। अक्सर बहन को मारते पीटते थे। पति के प्रताड़ना से तंग आकर आग लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के मॉनिटरिंग सेल व अभियोजन विभाग के प्रभावी पैरवी से अभियुक्त गौतम यति को न्यायालय विशेष न्यायाधीश (ईसी एक्ट) जिला एवं सत्र न्यायाधीश दोषसिद्ध पाते हुए पांच वर्ष की कारावास व अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न अदा करने पर अभियुक्त को एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। संवाद