बलिया। अपर सत्र एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम कांत की अदालत ने छह वर्षीय बालिका से दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले में सुनवाई की। मामले के दो दोषियों को उम्रकैद और 20 हजार के अर्थदंड से दंडित किया।
अदालत ने परदेसी कुमार बिंद और उसकी पत्नी किरण देवी निवासी ग्राम हरपुर बाजार थाना उचका गांव जिला गोपालगंज बिहार पर दोष सिद्ध पाया। दोनों को उम्रकैद की सजा और अर्थदंड लगाया। अर्थदंड जमा नहीं करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
वादी मुकदमा ने थाना कोतवाली पर आवेदन किया था कि 25 फरवरी 2022 को उसकी छह वर्षीय पुत्री दोपहर में घर के बगल में खेल रही थी। उसके बाद से ही गायब हो गई। काफी तलाश किया लेकिन नहीं मिली। 26 फरवरी को सुबह वादी के घर के पीछे अहाते में उसकी लाश मिली। चेहरे पर चोट के निशान थे। आशंका जताई कि किसी ने उसकी पुत्री की हत्या कर लाश अहाते में फेंक दी है। वादी की सूचना पर थाना कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज हुई। दौरान विवेचना अभियुक्तों का नाम प्रकाश में आया। विवेचना में यह आया कि पीड़िता की दुष्कर्म कर हत्या की गई है। आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। न्यायालय ने मामले की सुनवाई प्रारंभ की। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद परदेसी कुमार बिंद पुत्र कृष्णा, किरण देवी पत्नी परदेसी कुमार बिंद को सजा सुनाई।
जानलेवा हमले में 10 वर्ष की सजा : बलिया। अपर जनपद न्यायाधीश ज्ञान प्रकाश तिवारी की अदालत ने बांसडीह कोतवाली में दर्ज जानलेवा हमले के एक मामले में शैलेश निवासी खादीपुर मल्लाहीचक थाना बांसडीह को दोषी पाया। उसे 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 15 हजार के अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड न जमा करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। वर्ष 2006 में वादी ने स्थानीय थाना पर प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि शैलेश ने घर आकर जान से मारने के नियत से कट्टे से फायर किया। इसमें वो और उसकी बहन जख्मी हो गई। स्थानीय थाना पर प्राथिमिकी पंजीकृत कर आरोप पत्र न्यायालय भेजा गया था।