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UP: आमरण अनशन...मृतक के भाई ने अस्पताल पर लगाया हत्या का आरोप, स्वास्थ्य में गिरावट; डीएम को लिखा था पत्र

Wed, 21 Jan 2026 07:41 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।

सार

Ballia News: राम मनोहर लोहिया अस्पताल में युवक की माैत के बाद उसके परिजन लगातार अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे थे। न्याय की मांग को लेकर बीते तीन दिनों से उसके भाई ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है।
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युवक के स्वास्थ्य की परीक्षण करते चिकित्सक। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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UP News: जिला अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विशाल तिवारी निवासी बघौली, थाना बांसडीह का कलेक्ट्रेट परिसर में तीन दिनों से आमरण अनशन चल रहा है। उनका आरोप है कि उनके भाई कुनाल तिवारी की मृत्यु अस्पताल प्रशासन की गलती के चलते हुई है। लेकिन संबंधित चिकित्सक डाॅ. एके उपाध्याय के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। 

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इसके बाबत उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र लिखा था। पत्र 14 जनवरी 2025 को इस आशय के साथ लिखा गया था कि अगर चिकित्सक के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया गया तो वह जिलाधिकारी कार्यालय पर 19 जनवरी 2026 को भूख हड़ताल पर बैठेगा। 
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आरोप है कि प्रशासन चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है। यही कारण है कि वह तीन दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इस बावत मुख्यमंत्री को भी एक पत्र प्रेषित किया गया था। जिसमें आरोप लगाया गया था कि 10 सितम्बर 2025 को उसके भाई कुनाल तिवारी को उल्टी की शिकायत पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उपचार के दौरान मरीज को दो दिन तक पानी चढ़ाया गया। 

कार्रवाई की मांग

साथ ही सात, आठ इंजेक्शन भी उसे लगाए गए। उसके बाद मरीज की तबीयत और ज्यादा बिगड़ गई। यही नहीं मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा गया है कि बुलाने पर भी चिकित्सक मरीज को देखने नहीं आये। वहीं इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक डाॅ. नीरज नेइलाज किए डाक्टर से बात कराने की बात कही, लेकिन डाक्टर का मोबाइल स्वीच आफ मिला। जबकि इस बीच मरीज मुंह से झाग निकालने लगा। 

मरीज की हालत खराब देख तीमारदार उसे वाराणसी स्थित बीएचयू, लखनऊ स्थित पीजीआई, केजीएमयू, राममनोहर लोहिया आदि अस्पतालों में भी दिखाये। लेकिन वहां भी मरीज को राहत नहीं मिली। राम मनोहर लोहिया अस्पताल में 21 सितंबर को उसकी मृत्यु हो गई। मृतक का भाई विशाल तिवारी जिलाधिकारी को पत्र सौंप 16 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक धरने पर बैठा, लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद वह 19 जनवरी से जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में भूख हड़ताल पर बैठ गया है।
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जांच कमेटी ने चिकित्सक को दिया क्लीन चिट
तत्कालीन सीएमओ ने आरोप की जांच के लिए पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित किया था। जिसमें अपर मुख्य चिकित्साधीक्षक डा़ पद्दमावती, वरिष्ठ परामर्शदाता जिला चिकित्सालय डा़ दीपक शाह, परामर्शदाता जिला चिकित्सालय डाॅ. मनोज कुमार, परामर्शदाता डाॅ. विनेश कुमार व उपचारिका जिला चिकित्सालय पुष्पा देवी शामिल रहे। 

गठित टीम ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि प्रकरण में मृतक कुणाल तिवारी से संबंधित बीएचटी का अवलोकन किया गया। जिसमें मृतक मरीज का उपचार किए जिला चिकित्सालय में कार्यरत चिकित्सक डाॅ. एके उपाध्याय व इमरजेंसी में मौजूद चिकित्सक डाॅ. नीरज से पूछताछ की गई। उनसे लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया। बाल रोग विशेषज्ञ डा़ एके उपाध्याय का स्पष्टीकरण की जांच कमेटी द्वारा किया गया। 

कमेटी के सदस्यों ने जांचोपरांत पाया कि प्रथम दृष्टया में डा़ एके उपाध्याय द्वारा किया गया उपचार सही है। जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया है कि शिकायतकर्ता द्वारा समय से काेई साक्ष्य प्रस्तुत न कर भ्रामक स्थिति उत्पन्न किया गया।
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