ददरी मेला के भारतेंदु कला मंच पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान गीत प्रस्तुत करती गायिक
बलिया। ऐतिहासिक ददरी मेले का भारतेंदु कला मंच बुधवार की रात भोजपुरी संस्कृति के रंगों से सराबोर रहा। भोजपुरी गायिका शिल्पी राज के - हम पेहनले बानी नया जमाना के ड्रेस... समेत एक से बढ़कर एक गीतों पर श्रोता झूमते रहे। निर्धारित समय सात बजे से लगभग तीन घंटे विलंब से ददरी मेले के भारतेंदु कला मंच गायिका शिल्पी राज के पहुंचने पर भाजपा नेत्री सोनी तिवारी व सीआरओ त्रिभुवन ने स्वागत किया। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
गायिक शिल्पी राज ने - कवना बने आ हो ए मइया...के साथ गीतों की शुरुआत की। इसके बाद जा तारू माई के दर्शन करे रील बनी मंदिर के गेट पर... सुनाया तो लोग भक्तिरस में डूब गए। इसके बाद उन्होंने - हम पेहनले बानी नया जमाना के ड्रेस तोहर आंख नीला नीला ब तू शिला हुउ का... सुनाया तो श्रोता नाचने लगे।
श्रोताओं की मांग पर - डालब नेट पर जीजा ले चली घूमावे बुलेट पर जीजा हो बुलेट पर जीजा... व पवन के पलनियां डोले ओइसही मोर नईया डोले... समेत कई गानों की प्रस्तुति दी। इस मौके पर नगर पालिका परिषद के ईओ सुभाष कुमार सहित कई अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
ददरी मेले में गीत गाने की लंबे समय से थी लालसा
भोजपुरी गायिका शिल्पी राज ने कहा कि बलिया के ददरी मेले में भारतेंदु कला मंच पर अपनी प्रस्तुति देने की लालसा लंबे समय से थी। बलिया में कई जगहों पर कार्यक्रम की प्रस्तुति दी है लेकिन ददरी मेले में पहली बार आने का अवसर मिला। भारतेंदु कला मंच पर आकर काफी खुश हूं। ऐसा लग रहा है कि मेरा सपना पूरा हो गया है। मेला देखने का भी मौका मिला है।
कवि सम्मेलन आज, अनामिका जैन अंबर व शंभू शिखर करेंगे शिरकत
बलिया। ददरी मेले के ऐतिहासिक भारतेंदु कला मंच पर 28 नवंबर को होने वाले कवि सम्मेलन में एक बढ़कर एक कवि शिरकत करेंगे। सीडीओ ओजस्वी राज ने बताया कि इसमें कवि शंभू शिखर, अंबिका जैन अंबर, शंभू शिखर व हास्य कवि दिनेश बावरा समेत 10 कवियों को आमंत्रित किया गया है। शाम सात बजे कवि सम्मेलन की शुरुआत होगी। संवाद