होमगार्ड संगठन तथा पीआरडी के तत्वावधान में दो दिनों से चल रहे धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम में मांगें पूर्ण न होने पर जोरदार आवाज बुलंद की गई।
दोनों संगठनों के जवानों का आरोप है कि प्रदेश सरकार उनका शोषण कर रही है। शासन स्तर से उनकी ड्यूटी भी न के बराबर लगाई जाती है। कहा कि सरकार के गलत नीतियों के चलते युवा काम के बाद बेराजगारों से भी बदतर स्थिति में है।
संगठन के अध्यक्ष कमलेश कुमार पांडेय ने कहा कि चाहे ग्राम पंचायत का चुनाव हो या फिर चाहे लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव हो, पुलिसकर्मियों के बराबर लगाई जाती है। लेकिन चुनाव समाप्त होते ही जिला प्रशासन उनकी ड्यूटी नहीं लगाती है। जिससे आज हम भूखमरी के कगार पर पहुंच चुके है।
कहा कि हमें नियमित ड्यूटी के साथ-साथ राज्यकर्मचारियों का दर्जा मिलने चाहिए। पुलिस कर्मियों के बराबर मानदेय सुनिश्चित कराया जाए। पीआरडी के जवानों को राइफल ट्रेनिंग दी जाए। होमागार्ड संगठन के जिलाध्यक्ष छोटू यादव ने कहा कि पिछली बार भी आंदोलन के दौरान जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया था कि अधिक से अधिक ड्यूटी लगाया जाएगा।
यहां तक कि होमगार्ड दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन के अफसरों ने बैंकों और निजी संस्थाओं को पत्र लिखकर अपने यहां ड्यूटी पर रखने के लिए कहा था। लेकिन आज तक ऐसा कुछ नहीं हुआ। कहा कि बलिया जनपद के साथ अन्य जनपदों में 60 फीसदी से कम ड्यूटी न लगाई जाए।
इस मौके पर अशोक कुमार ठाकुर, गोपाल कृष्ण पाठक, मोनिका, मुन्ना यादव, रामजी प्रसाद हरी राम, लाल साहब, रंजीत कुमार, मनोज पासवान, संतोष कुमार, इंदू देवी, किरन देवी, शिवमंगल आदि उपस्थित रहे।