विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में चल रहा होमगार्ड एवं पीआरडी जवानों का धरना नाैंवें दिन मंगलवार को भी जारी रहा। इस दौरान शिवशंकर पांडेय ने कहा कि प्रदेश सरकार के गलत नीतियों के चलते हमारा शोषण हो रहा है।
कहा कि सरकार जहां शिक्षामित्रों को शिक्षक बनाने के लिए हर महीने करोड़ों रुपये खर्च कर दे रही है वहीं पीआरडी और होमगार्ड जवानों को भूखों मरने के लिए छोड़ दी है। कहा कि इसका खामियाजा आने वाले दिनों में प्रदेश सरकार को भुगतना पड़ेगा।
धरने में कर्मचारी नेता सुशील त्रिपाठी ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की गलत नीतियों के चलते युवा काम करने के बाद भी मेहनताना नहीं ले पाता है।
हमें अधिकार देने में भी सरकार फीसड्डी साबित हो रही है। जिसके चलते होमगार्ड एवं पीआरडी जवानों के परिवार भुखमरी की कगार पर है। यह पूरी मानवता के लिए कलंक है। एक तरफ अधिकारी पैसे की बर्बादी करते हैं।
दूसरी तरफ निचले स्तर पर देश और समाज की सेवा करने वाले ये कर्मचारी भूखों मर रहे हैं। इस मौके पर राज्यकर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष रामनाथ राम, मंत्री नागेद्र प्रसाद श्रीवास्तव, संतोष सिंह, अरविंद शर्मा, विश्वनाथ चौधरी, बलवंत सिंह, कमलेश कुमार पांडेय, छोटू यादव, लालबिहारी वर्मा, उमाशंकर, राकेश कुमार मिश्र, राजकिशोर यादव, मुन्ना यादव, कृष्ण गोपाल यादव आदि शामिल रहे।