बलिया। शहर के अंदर होर्डिंग्स की भरमार है। मानक के विपरीत शहर के चौराहों पर लगे होर्डिंग्स की वजह से सुरक्षा के लिए खतरा बना है। नगर पालिका परिषद की तरफ से शहर में मात्र 6 जगहों पर होर्डिंग्स लगाने का टेंडर हैं। लेकिन जगह-जगह अवैध होर्डिंग्स तने हैं। इससे न सिर्फ राजस्व का नुकसान हो रहा है बल्कि शहर की सुंदरता भी बिगड़ रही है।
शहर में लगे होर्डिंग्स में से कई व्यवसायिक हैं तो कई राजनीतिक पार्टियों के हैं। अवैध रूप से लगे इन होर्डिंग के चलते सड़कों को दिशा और सावधानी बरतने के लिए सांकेतिक चिह्न भी दिखाई नहीं देते हैं। वहीं, चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरे में उसके पीछे का हिस्सा नजर नहीं आता है। तेज हवा या बारिश में गिरने का खतरा बना रहता है। हालत यह है कि कई विद्युत खंभों पर बैनर लटके हुए है। शहर के चित्तू पांडेय, शहीद पार्क चौक, स्टेशन रोड, कदम चौराहा, टाउन हॉल चौराहा, कुंवर सिंह चौरहा, एनसीसी तिराहा, हरपुर मिड्ढी आदि स्थलों पर बांस के सहारे होर्डिंग लगाए गए हैं।
नगर पालिका परिषद के ईओ सुभाष कुमार ने बताया कि ददरी मेले के आयोजन की व्यस्तता के चलते दिक्कत आ रही है। एकाध दिन में मेले का समापन के बाद अभियान चलाकर होर्डिंग लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर इन्हें उरवाया जाएगा। अधिकृत स्थल बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। फिलहाल अवैध रूप से होर्डिंग लगाने वालों पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।
ये हैं नियम
-नगर पालिका परिषद से अनुमति आवश्यक।
-निर्धारित शुल्क व लाइसेंस शुल्क का भुगतान अनिवार्य।
-यातायात बाधित करने वाले, बिजली के खंभे या सार्वजनिक संपत्ति पर बिना अनुमति होर्डिंग प्रतिबंधित।
-होर्डिंग की मजबूती व सुरक्षा मानक तय, दुर्घटना होने पर जिम्मेदारी विज्ञापनदाता की।
-समय सीमा पूरा होने पर तुरंत हटाना अनिवार्य।
-निजी संपत्ति पर आकार और नियम लागू होंगे।
नगर के मकान पर लगा होर्डिंग।संवाद