बांसडीह/घोघा। यूपी बोर्ड की परीक्षा के पहले ही दिन हाईस्कूल के एक छात्र को एडमिट कॉर्ड में जेंडर गलत होने के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। करीब दो घंटे तक दो परीक्षा केंद्रों के चक्कर लगाने पड़े। डीआईओएस के हस्तक्षेप के बाद उसे परीक्षा देने की अनुमति मिली। प्रश्न पत्र हल करने के लिए उसे मात्र डेढ़ घंटे का समय ही मिला।
परसिया पीएमएचएस स्कूल का छात्र प्रीतम शर्मा पुत्र रमेश शर्मा बुधवार को यूपी बोर्ड 10वीं की परीक्षा देने के लिए बांसडीह राजकीय बालिका इंटर कॉलेज आया था। यह केंद्र बालिकाओं के लिए बनाया गया है। मामला तब उलझ गया जब एडमिट कॉर्ड में प्रीतम का लिंग पुरुष की जगह महिला अंकित मिला। पीएमएचएस स्कूल परसिया के बालकों का परीक्षा केंद्र प्रभावती देवी विद्या पीठ सहतवार में निर्धारित है। ऐसे में प्रीतम कभी राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बांसडीह तो कभी प्रभावती देवी विद्या पीठ सहतवार के बीच दौड़ता रहा।
मामले की जानकारी मिलने पर जिला विद्यालय निरीक्षक देवेंद्र गुप्ता ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने बताया कि संबंधित छात्र के लिए पत्र जारी कर दिया गया है और निर्देश दिया गया है कि वह उसी विद्यालय में परीक्षा देगा, जहां उसके स्कूल का केंद्र निर्धारित है।
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व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने परीक्षा प्रबंधन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते त्रुटि का समाधान नहीं होता तो छात्र की एक महत्वपूर्ण परीक्षा छूट सकती थी। परीक्षा के लिए छात्र को डेढ़ घंटे का ही समय मिल पाया। इससे छात्र मायूस होकर परीक्षा केंद्र से निकला। अभिभावकों ने बोर्ड प्रशासन से मांग की है कि प्रवेश पत्र जारी करने से पहले विवरणों की सावधानीपूर्वक जांच की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न उत्पन्न हो। फिलहाल प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद छात्र को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति मिल गई है, जिससे परिजनों ने राहत की सांस ली।