बलिया। दुबहड़ के एडीओ पंचायत रहे पशुपति नाथ सिंह को हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है। सेवानिवृत्त होने के दस महीने बाद भी उनके देयकों का भुगतान नहीं करने के मामले में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने चार महीने में भुगतान करने का आदेश दिया है।
जिले में 2005 में हुए करोड़ों के खाद्यान्न घोटाले में नाम होने पर पंचायती राज विभाग ने ग्रेजुइटी, बीमा का भुगतान, राशिकरण (300 दिन का अवकाश) के भुगतान पर रोक लगाई थी। उनको सिर्फ अनंतिम पेंशन ही मिलती थी। मार्च 2020 में सेवानिवृत्त होने के बाद दस महीने तक पशुपति नाथ देयकों के भुगतान के लिए पंचायती राज विभाग का चक्कर काटते रहे। लेकिन, जब उनको राहत नहीं मिली तो उन्होंने उच्च न्यायालय इलाहाबाद में याचिका दाखिल कर दी। इसमें सचिव, पंचायती राज उत्तर प्रदेश, संयुक्त निदेशक पेंशन आजमगढ़ व जिला पंचायत राज अधिकारी को पक्ष बनाया। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने 23 फरवरी को आदेश दिया कि वादी को सभी पेंशनर का हकदार है जब तक कि मामले में दोष सिद्ध न हो जाए। चार महीने के अंदर सेवानिवृत्त एडीओ पंचायत पशुपति नाथ सिंह को समस्त देयकों का भुगतान करने को कहा है।