जेठ की तपती दोपहरी और घर के भीतर भारी उमस से बेहाल लोगों को अब बस इंद्र देव से राहत की आस है। गर्मी से परेशान लोगों को बिजली कटौती भी मार रही है। धूप से सभी बेहाल हैं लेकिन किसानों को इससे उम्मीद है कि आने वाले समय में बारिश भी अच्छी होगी। चिलचिलाती धूप, उमसभरी गर्मी से जनमानस हलकान जरूर है लेकिन मौसम के जानकारों की मानें तो बस कुछ दिन ओर सह लें। ये मौसम पूरी वर्षा का संकेत है। अत्यधिक गर्मी के कारण जनमानस की दिनचर्या पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है। लोग घरों से निकलने में सहम रहे हैं। पशु, पक्षी भी गर्मी के
कारण कहीं-कहीं इक्का, दुक्का ही नजर आ रहे हैं। सुबह आठ बजते-बजते भगवान भाष्कर का तेवर तल्ख हो जा रहा है। दस बजते-बजते मानो धरती से आग निकल रही है। इस गर्मी से सबसे ज्यादा परेशान मजदूर तबके के लोग हैं, जिन्हें खुले आसमान तले रहकर जीविकोपार्जन करना पड़ता है। धूप सिर में लिये घंटों मकान बनाने का कार्य या फिर खेत में रहकर कोड़ाई या फिर रिक्शा, खोमचे, ठेले वालों के लिए मजदूरों के लिए ये समय आफत लेकर आया है। इससे इस वर्ग के लोगों में रोटी के भी लाले पड़
गए हैं।