हल्दी थाना क्षेत्र के पचरूखिया गांव में शुक्रवार दोपहर मुख्य विकास अधिकारी के बालाजी की अध्यक्षता में चौपाल लगाई गई। इसमें गंगा के कटान से बेघर किसानों और पीड़ितों की समस्याओं को अधिकारी ने सुना। उनसे समस्याओं के निस्तारण के सुझाव भी सुने। कुछ समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया।
इस दौरान अपर महाधिवक्ता राजबहादुर सिंह यादव ने कहा कि जिन किसानों की जमीन और घर गंगा के कटान में विलीन हो गए, उनको शासन स्तर से भूमि खरीदकर जल्द ही बसाने के लिए नया कानून बनाया जाएगा।
ताकि पीड़ित किसानों के जीवन को जल्द पटरी पर लाया जा सके। इस दौरान समाजसेवी विनोद सिंह ने कहा कि सदर तहसील के 327 किसानों तथा बैरिया तहसील के 50 किसानों को बसाने के लिए चार करोड़ 93 लाख रुपये शासन से जारी हुए हैं।
इसके बाद प्रशासन द्वारा बसाने का कार्य किया जा रहा है। मीनापुर निवासी कटान पीड़ित सोनू पांडेय ने कहा कि हम पीड़ितों को शासन-प्रशासन स्तर से कोई सहायता अब तक नहीं मिली है। जो फसल बाढ़ में डूब जाती है, उसका भी मुआवजा नहीं दिया जाता है।
इसके लिए भी कोई कानून बनाया जाए। मझौवा निवासी अवधेश सिंह ने कहा कि हर साल ह्रासनगर दियारे सहित नदी उस पार खेतों की बुआई किसान करते हैं लेकिन बिहार के लोग दबंगई के बल पर फसल काट ले जाते हैं।
इस पर अपर महाधिवक्ता ने सीडीओ को निर्देशित किया कि कमेटी गठित कर जमीन का सर्वे कराएं और सीमांकन करवाएं। इस मौके पर एडीएम केपी सिंह, एसडीएम सदर रामानुज सिंह, क्षेत्रीय कानूनगो श्याम नारायण मिश्र, क्षेत्रीय लेखपाल अनिल तिवारी, दीघार प्रधान प्रतिनिधि अशोक सिंह, बुआ सिंह आदि मौजूद रहे।