बांसडीह। सीएचसी के तत्कालीन अधीक्षक डॉ. वेंकटेश मौआर की मौत को लेकर चल रहा आंदोलन शनिवार को प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के आश्वासन पर सांकेतिक रूप में तब्दील हो गया। अस्पताल में ओपीडी सेवा समेत अन्य सेवाओं को बहाल कर दी गईं।
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ ने पत्र जारी कर चिकित्सकों को अवगत कराया कि डॉ. मौआर प्रकरण में प्राथमिकी दर्ज कराने व सीएचसी परिसर में संचालित अमृत फार्मेसी के खिलाफ कार्रवाई को को लेकर 17 जून को जिलाधिकारी बलिया को पत्र भेजा गया था। जिलाधिकारी ने उक्त पत्र को 18 जून को पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी को भेज दिया है। अमृत फार्मेसी पर कार्रवाई के लिए सीएमओ बलिया को भी पत्र भेजा है। 19 जून को संघ के प्रतिनिधिमंडल ने देर शाम विकास भवन में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, विधायक केतकी सिंह, जिलाधिकारी व सीडीओ से बात की। इसमें आश्वासन दिया गया कि उक्त प्रकरण में चिकित्सकों में साथ हैं। सभी जांच व कार्रवाई को त्वरित गति से कराने का प्रयास करेंगे। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ ने चिकित्सकों से अनुरोध किया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सेवाओं को पहले की भांति सुचारू रूप से दी जाएं।