जिला अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में मरीजों का उपचार करते चिकित्सक।संवाद
बलिया। होली पर तला-भुना भोजन करने से लोगों की सेहत पर विपरीत असर पड़ा। बड़ी संख्या में उल्टी, दस्त एवं पेट दर्द से पीड़ित इलाज कराने जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे। पिछले 24 घंटे में 170 मरीज गंभीर हालत में इलाज कराने इमरजेंसी में पहुंचे। 118 मरीजों को भर्ती करना पड़ा।
वहीं, ट्राॅमा सेंटर में सड़क दुर्घटना व मारपीट के 62 मरीज पहुंचे, चिकित्सकों ने गंभीर रूप से घायल 29 मरीजों को भर्ती किया अन्य को मरहम पट्टी के बाद छुट्टी दे दी। होली पर रंगों की मस्ती के साथ लोगों ने पकवान का भी सेवन किया। इससे संबंधित के खानपान में बदलाव हो जाने से लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ा है।
बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ी। मंगलवार को 1371 के करीब मरीज ओपीडी में पहुंचे थी। वहीं, होली की छुट्टी के बाद अस्पताल खुला तो 1470 मरीजों ने पंजीकरण कराकर प्राथमिक उपचार कराया। इसमें अधिकांश मरीज उल्टी, दस्त एवं पेटदर्द के रहे। बालरोग ओपीडी में सर्दी, जुकाम, खांसी के अलावा उल्टी-दस्त से बीमार होने वालों में बच्चे ज्यादा रहे।
अस्पताल के फिजिशियन डॉ. पंकज झा ने बताया कि मौसम बदलने और होली पर पकवान का सेवन करने से लोगों की सेहत पर विपरीत असर पड़ा है। तले, मसालेदार खाद्य पदार्थों का सेवन करने से पाचन तंत्र प्रभावित हो रहा है। इन दिनों ओपीडी में उल्टी, दस्त एवं पेट दर्द के अधिक मरीज आ रहे हैं। मौसम बदलने एवं खानपान में गड़बड़ी की वजह से लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। ओपीडी और इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को परामर्श एवं बचाव की सलाह दी जा रही है।
बाल रोग ओपीडी में डॉक्टर एके उपाध्याय ने कहा कि त्योहार के कारण देखभाल में लापरवाही के कारण सर्दी जुकाम व जकड़न के अलावा खाना के कारण पेट दर्द व उल्टी के ज्यादा मरीज इलाज को पहुंच रहे हैं।