क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग के सचल दस्ते ने रविवार को छापेमारी कर एक निजी अस्पताल से 11 एक्सपाइरी दवाओं को जब्त किया। अस्पताल बिना डिग्री होल्डर डॉक्टर के संचालित हो रहा था। सचल दस्ते को कोई भी जरूरी कागजात न उपलब्ध होने पर संचालक को पांच दिन के अंदर आवश्यक कागजात के साथ साक्ष्य प्रस्तुत करने को निर्देश दिया गया। इसको लेकर झोलाछाप डॉक्टरों में हड़कंप की स्थिति बनी रही। सीएमओ के निर्देश पर नगरा ब्लाक के सचल दस्ते ने क्षेत्र के रतनपुर, कीड़ीहरापुर स्थित एक हॉस्पिटल पर छापेमारी की। इस दौरान सचल दल के सदस्यों को कई आपत्तिजनक चीजे मिली। इसके अलावां 11 दवाएं एक्सपायरी मिली। इसमें अधिकतर दवाएं ऐसी थी कि जिनका उपयोग सबसे अधिक किया जाता है।
इसमें ऑक्सिटोसिन, एचआईवी किट, सिफलिस आदि दवाएं मौजूद रही। टीम ने सभी दवाओं को सील कर जांच के लिए साथ लेते गए। इस कार्रवाई से क्षेत्र के सभी मेडिकल स्टोर व झोला छाप डाक्टरों की दुकानें धड़ाधड़ बंद हो गयी। टीम का नेतृत्व कर रहे डॉ प्रशांत कुमार ने बताया कि हॉस्पिटल पर छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं मिली।
साथ ही 11 दवाएं एक्सपायरी भी पाई गई। बताया कि इस हॉस्पिटल में कोई डिग्रीधारक डॉक्टर या हॉस्पिटल के आवश्यक कागजात संचालक द्वारा प्रस्तुत नहीं किया गया है, जिसकी रिपोर्ट सीएमओ को दी जाएगी।