बलिया। एनीमिया से बचाव के लिए हर माह के प्रथम बुधवार को मनाए जाने वाले सुपोषण स्वास्थ्य मेले का आयोजन बांसडीह ब्लॉक के मुडि़यारी उपकेंद्र पर किया गया। इसमें गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों का वजन आंका गया तथा साथ ही संतुलित एवं स्वस्थ खान-पान और एनीमिया आदि से बचाव के बाबत जानकारी दी गई।
नेशनल फॅमिली हेल्थ सर्वे के अनुसार जिले में छह माह से पांच वर्ष तक के 60.2 फीसदी बच्चों में खून की कमी है, जबकि 15 से 49 वर्ष तक की 48.6 फीसदी महिलाओं में खून की कमी पाई गई है। इसमें 49.1 फीसदी सामान्य और 39.2 फीसदी गर्भवती महिलाओं में खून की कमी पायी गयी। इसको लेकर सुपोषण स्वास्थ्य मेला जनपद के सभी ब्लॉकों एवं प्रत्येक ग्राम पंचायत के स्वास्थ्य उपकेंद्रों में आयोजित किया गया। शासन द्वारा शुरू किए गए इस कार्यक्रम का उद्देश्य है कि आर्थिक तंगी के चलते कोई भी बच्चा कुपोषित न रह जाए और किशोर-किशोरी में एनीमिया को दूर किया जा सके। सुपरवाइजर अर्चना सिंह ने बताया कुपोषण, विकासशील समाज में बहुत अधिक प्रभाव डालता है तथा इसके लिए समाज को चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूक रहने की अतिअवश्यकता है।इस अवसर पर एएनएम उषा देवी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गीता, रिंकी आदि रहीं।