बुधवार को सुबह से आसमान में उमड़ घुमड़ कर बादलों ने अचानक बारिश का रूप धारण कर लिया। जिससे एक ओर मौसम खुशनुमा हो गया। वहीं दूसरी ओर इस बारिश ने धान की नर्सरी के लिए संजीवनी का काम किया। बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए।
तीन दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस के बाद बुधवार की सुबह राहत भरी रही। अचानक आसमान में काले बादल छाने से मौसम सुहवना हो गया। थोड़ी देर बाद ही झमाझम बारिश शुरू हो गई। हल्की बारिश होने के इलाकों में सड़कों पर जल जमाव की स्थिति पैदा हो गई, जहां बारिश के चलते लोगों ने गर्मी से राहत की सांस ली, वहीं ग्रामीण इलाकों में रोहिणी नक्षत्र में झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे ।
जिन किसानों ने खेतों में धान की नर्सरी डाल चुके हैं, उनके लिए यह बारिश संजीवनी साबित हुई। जिन किसानों ने धान की नर्सरी नहीं डाली है, वे भी अपने खेताें को नर्सरी डालने लायक बनाने में जुट गए।
बुधवार को पूर्वाहन अचानक हुई वर्षा से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पिछले एक सप्ताह से तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के आसपास था, वह इस सप्ताह घटकर 38 और 40 तक आ गया है। आसमान में बादल छाने व झमाझम बारिश की वजह से न्यूनतम तापमान भी 25 डिग्री के करीब तक रहा।