बलिया। प्रदेश में एक ही पैन नंबर पर 192 शिक्षकों द्वारा नौकरी करने और सेलरी उठाने के मामले में अब नई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं। जैसे-जैसे जांच की गश्ति तेज हो रही है मामले में नित नए खुलासे हो रहे हैं। इससे विभाग में स्त्रत्त्हड़कंप मचा है। विभागीय सूत्रों की मानें तो जिले में चिन्हित किए गए 11 शिक्षकों के सेम डाक्यूमेंट के आधार पर प्रदेश के अन्य जिलों में भी शिक्षक नौकरी कर रहे हैं। ऐसे में विभागीय अधिकारियों के लिए यह समस्या सिरदर्द बन गई है। अब वे यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि असली कौन हैं, यहां जिले में नौकरी कर रहे शिक्षक या इन्हीं के डाक्यूमेंट पर अन्य जिलों में तैनात शिक्षक।
बहरहाल, विभाग ने एक ही पैन नम्बर और उनके ही प्रपत्रों के आधार पर गैर जनपदों में नौकरी करने वाले उन 11 शिक्षकों के समस्त प्रपत्रों को खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से जमा करा लिया है। सूत्र बताते हैं कि इनके समस्त प्रपत्रों की जांच पड़ताल बृहस्पतिवार को की जाएगी। इसके लिए बुधवार को जिला बेसिक अधिकारी कार्यालय में अपर जिलाधिकारी रामआसरे, अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार और बीएसए शिवनारायण सिंह के मध्य वार्ता हुई, इसमें शासन द्वारा चिह्नित 11 शिक्षकों के प्रपत्रों के जांच के तौर तरीकों की रणनीति बनाई गई।
बता दें कि बीते 26 जून को उत्तर प्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के महानिदेशक ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर जनपद के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में तैनात शिक्षकों की जन्म कुंडली खंगालने का निर्देश दिया था। ताकि अनियमित/ नियम विरुद्ध और फर्जी रूप से नौकरी कर रहे अध्यापकों को सामने लाया जा सकें। महानिदेशक के पत्र का संज्ञान लेते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिव नारायण सिंह ने 27 जून यानि शनिवार को जनपद के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को त्वरित कारवाई करते हुए अपने-अपने शिक्षा क्षेत्र के अध्यापकों के प्रपत्रों की जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था।
मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। अभी सभी जानकारी आपको उपलब्ध नहीं कराई जा सकती हैं। जांच पूरी होते ही मामले की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। - शिव नारायण सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी