बलिया। प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने किसानों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर किए गए शर्मनाक बल प्रयोग के लिए केंद्र सरकार से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने किसान आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों को शहीद का दर्जा देने तथा कॉरपोरेट के हित में बनाए गए नए कृषि कानूनों को तत्काल वापस लेने की मांग भी की है।
उन्होंने कहा है कि देश में सामान्य स्थिति बनाने के लिए ये फैसले अति आवश्यक हैं। केंद्र सरकार ने इन फैसलों में विलंब किया तो किसान और कॉरपोरेट पोषित सरकार के बीच चल रही इस लड़ाई में अन्न खाने वाले देश के सभी नेक लोग किसानों के साथ लामबंद होने के लिए मजबूर होंगे। बृहस्पतिवार को अपने आवास पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस देश का किसान मान रहा है कि नया कृषि कानून खेती बारी के हितों और उनके स्वामित्व पर हमला है। यह कानून बना रहा तो देशी-विदेशी कंपनियां भारतीय नवरत्न कंपनियों की तरह खेती बारी को भी निगल जाएंगी। किसानों पर बल प्रयोग की जितनी भी निंदा की जाए कम है। इससे पूरे देश के किसानों में असहज स्थिति बनी हुई है। किसानों में सहज स्थिति बनाने के लिए भारत सरकार को नए कृषि कानूनों की वापसी के साथ ही यह भी घोषणा करनी चाहिए कि अब किसान उत्पादों के लिए निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानून का रूप दिया जाएगा।