क्षेत्र के गायघाट पचरूखा देवी मंदिर के अंदर स्थित पिंड के ऊपर लगी चांदी की मुखाकृति, सोने की आंख, मांगटीका और नथिया आदि को चोरों ने शनिवार की रात मंदिर के पीछे स्थित खिड़की के राड को काटकर उड़ा दिया।
चोरी की जानकारी होते ही कई गांव के लोगों ने बलिया-रेवती मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। लगभग दो घंटे बाद सीओ के आश्वासन पर लोगों ने जाम समाप्त कराया। सीओ बांसडीह, डॉग स्कॉयड व फोरेंसिक विशेषज्ञ ने घटनास्थल की जांच की।
क्षेत्र के शक्तिपीठ पचरूखा देवी गायघाट मंदिर में रविवार के जब श्रद्धालु जब पहुंचे तो देखा कि देवी पिंड पर लगी चांदी की मुखाकृति, सोने की आंख, मांगटीका व नथिया गायब है।
मंदिर के पश्चिम दीवार में लगे खिड़की के पांच राड कटा मिला। राड मंदिर परिसर में ही फेंके पड़े थे। घटना की जानकारी होते ही गायघाट, पचरूखा, आसमान ठोठा, त्रिकालपुर, अतरडरिया आदि गांव के लोग मौके पर जुट गए।
मंदिर के प्रांगण में स्थित लोगों में देवी जी के सामने बलिया-रेवती मुख्य मार्ग पर धरने पर बैठ गए। दो घंटे तक मुख्य मार्ग जाम रहा। बाद में थानाध्यक्ष रेवती संजय सिंह, एसआई सर्वेंद्र राय के साथ पहुंच गए।
काफी मान-मनौव्वल के बाद धरनारत लोग इस बात पर जाम को समाप्त किए कि दो सप्ताह के अंदर यदि मामले का पर्दाफाश नहीं किया गया तो पुन: अनशन तथा धरने पर बैठने को बाध्य होंगे। जिसका उत्तरदायित्व प्रशासन का होगा।
चक्काजाम करने वालों में उपेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, संजय सिंह, मनेाज सिंह, अरविंद सिंह, इसके पहले, पूर्व जिला पंचायत सदस्य राणा प्रताप यादव, संदीप ओझा, ओमप्रकाश पांडेय, धर्मेंद्र चौहान, दिलीप सिंह, युवराज सिंह आदि शामिल रहे।