ग्रामीणों ने प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई कि संभवतः सर्पदंश से मौत होने के बाद युवती के शव को पारंपरिक तरीके से केले के पत्तों में लपेटकर जल प्रवाह कर दिया गया होगा। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और शव की शिनाख्त कराने का प्रयास किया, लेकिन काफी प्रयासों के बाद भी युवती की पहचान नहीं हो सकी।
फेफना थानाध्यक्ष विश्वदीप सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत हो रहा है कि शव नदी में बहते हुए यहां आकर किनारे लग गया है। उन्होंने कहा कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिससे मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
पुलिस अब आसपास के थाना क्षेत्रों में गुमशुदगी की रिपोर्टों की जांच कर रही है, ताकि शव की पहचान हो सके। साथ ही मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।