एक युवती भाभी के भाई से प्यार कर बैठी। उनका प्यार घरवालों को पसंद हीं था। परिवार वालों की रजामंदी न होते देख भागकर शादी का प्लान बनाया। प्लान के अनुसार युवती अपने घर से निकली और गांव से बाहर की ओर चल दी। इनकी भनक लगते ही ग्रामीणों ने पकड़ लिया। युवती और उसके परिवार वालों को बुलाया गया।
गांव में पंचायत हुई और तय हुआ कि सबकी रजामंदी से इनकी शादी करा दी जाए। फिर क्या था, गांव के ही बीडीसी सदस्य ने दूल्हा-दुल्हन के शादी के जोड़ों के साथ ही अन्य खर्च उठाने की भी घोषणा कर दी। इसके बाद दोनों को क्षेत्र के नरहरि धाम में ले जाया गया और वहीं हिंदू रीति-रिवाज से उनकी शादी करा दी गई।
शादी के बाद दुल्हन को दूल्हे की बाइक पर बिठाकर विदा किया गया। क्षेत्र के इब्राहिमाबाद नौबरार पंचायत के दलेल टोला गांव निवासी कुमारी वसंती पुत्री डिप्टी महतो को अपनी ही भाभी के भाई से प्यार हो गया। प्रेमी निरंजन पुत्र नंदलाल बिंद सहतवार थाना क्षेत्र के कोल्हानाला बगीचा गांव का निवासी है।
गांव के लोगों के अनुसार दोनों ने परिवार वालों की रजामंदी न होते देख उनकी इच्छा के विपरीत जाकर शादी का प्लान बनाया। युवती गांव से बाहर की ओर चल दी। इसकी जानकारी होने के बाद गांव के वरिष्ठ लोगों ने उसे रोक लिया और उसके प्रेमी को भी गांव में बुला लिया। गांव के बीडीसी सदस्य राजकुमार ने दोनों को काफी समझाया और उनके परिवार के लोगों को बुलवाया गया।
जब दोनों के परिवार के लोग आ गए तो उन्हें भी काफी समझाया गया और दोनों की शादी कराने की बात कही गई। जब परिवार के लोग तैयार हो गए तो राजकुमार ने शादी के जोड़े के साथ ही शादी में होने वाला खर्च खुद वहन करने की घोषणा की। फिर सभी क्षेत्र के सिद्ध पीठ नरहरि धाम पहुंचे।
वहां दोनों की रीति-रिवाज के साथ शादी संपन्न कराई गई और दूल्हे की बाइक पर बिठाकर दुल्हन की विदायी कर दी गई। इस मौके पर दोनों के परिजनों के साथ ही ग्राम प्रधान बच्चा यादव, छोटू यादव, रामप्रवेश यादव, सुशील साह, बाबू लाल साह आदि मौजूद रहे। इस दौरान गांव वालों की तरफ से सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन करते हुए वर-बधू को आशीर्वाद दिया गया।