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नौरंगा-चक्की संपर्क मार्ग की पुलिया गंगा के बाढ़ में बही

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रामगढ़। गंगा गंगा का जलस्तर अब धीरे-धीरे मीडियम फ्लड लेवल की ओर बढ़ रहा है। गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से कटान का सिलसिला जारी है। गंगा के मुहाने पर बसे गांव के लोग अब मान रहे हैं कि बाढ़ आने की संभावना प्रबल हो गई है। मंगलवार की सुबह गंगा नदी के उस पार नौरंगा चक्की संपर्क मार्ग पर बनी पुलिया का 70 फ़ीसदी हिस्सा गंगा की लहरों में कट गया जिसके चलते आवागमन पूर्ण रूप से बाधित हो गया है। इस बंधा के पूरा कटने के बाद नौरंगा वासियों को उत्तर प्रदेश और बिहार का आवागमन ठप हो जाएगा और केवल नाव ही आने जाने का संसाधन बचेगा। केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार गंगा का जलस्तर मंगलवार की शाम 4 बजे 57.70 मीटर दर्ज की गई साथ ही प्रति घंटा 1/4 सेंटीमीटर का बढ़ाव जारी है।
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नौरंगा पुलिया का आधे से अधिक हिस्सा कटने के बाद नौरंगा भुवाल छपरा चक्की के लोगों में अफरा-तफरी मची है। नौरंगा के लोगों का कहना है कि गांव की हालत दिन प्रतिदिन बद से बदतर होती चली जा रही है। आज भी गांव में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। चुनाव के समय में बड़े-बड़े नेता गांव में आकर लुभावने वादे कर करते हैं और चुनाव बाद गायब हो जाते हैं। नौरंगा निवासी उधारी ठाकुर, राजमंगल ठाकुर, अक्षय चौबे, धनंजय ठाकुर, रविंद्र ठाकुर, वीरेंद्र मिश्रा आदि ने कहा कि अब तक सभी जनप्रतिनिधियों ने नौरंगा वासियों के साथ विकास के नाम पर धोखा दिया।
सैकड़ों एकड़ मक्का बर्बाद, अब मिर्च की खेती चौपट
दया छपरा। सरयू नदी के पानी से सैकड़ों एकड़ मक्के की फसल जलमग्न होकर बर्बाद हो गई। वहीं, अब मिर्च का पौधा भी बर्बाद हो गया है। दया छपरा के किसान खेती के लिए ताल को हमेशा महफूज समझते थे। ग्रामीणों का मानना था कि बाढ़ व वर्षा का प्रभाव ताल के खेतों पर नहीं पड़ता। पर इस साल सरयूऊ नदी के पानी ने किसानों की मंसूबे पर पानी फेर दिया। जब एक पखवारा पहले सरयू नदी का पानी दया छपरा ताल में पहुंचा तो किसान यह सोच कर खामोश रहे कि जलस्तर के कम होते ही पानी निकल जाएगा और फसल बच जाएगी पर अब तक खेतों से पानी नही निकला व पौधा सड़ कर गिरने लगा। रेवती थाना क्षेत्र के दल छपरा कोल नाला से होते हुए सरयू का पानी नोउवा वारा, छेड़ी, अचलगढ़, नवका गांव के चौरासी को डुबोने के बाद नवका गांव के रास्ते दया छपरा ताल को अपने आगोश में लेकर डुबोते हुए खेतो को बर्बाद कर दिया है।
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एक दर्जन से अधिक मार्गों पर बरसाती व सरयू का पानी
बैरिया। क्षेत्र के डेढ़ दर्जन से अधिक सम्पर्क मार्ग पर बरसाती पानी के अलावा सुरहा ताल से निकला सरयू नदी के पानी से जलभराव हो गया है। आलम यह है कि जिस सड़कों से होकर लोग आवागमन करते हैं उसी सड़कों पर जलभराव के पानी में बच्चे स्नान कर रहे हैं। ग्रामीणों की मानें तो भारी जलभराव की वजह से सड़कें क्षतिग्रस्त होकर गड्ढों में तब्दील हो गई है। नवकागांव प्रधान प्रतिनिधि श्रीराम राम, बलिहार प्रधान प्रतिनिधि सुशील मिश्र ने उपजिलाधिकारी बैरिया को पत्रक देकर बताया है कि नवकागांव सम्पर्क मार्ग, शाहपुर मार्ग, सुघरछपरा मार्ग, बलिहार सम्पर्क मार्ग, चौबेछपरा मार्ग, खरिका मार्ग, श्रीनगर-दलछपरा मार्ग, निचला बाबू के डेरा मार्ग, शोभाछपरा मार्ग, लक्ष्मीपुर मार्ग, भाखड़ मार्ग, बघमरिया मार्ग, इब्राहिमाबाद सम्पर्क मार्ग, शिवाल, मानगढ़, वशिष्ठनगर व गोपालनगर सम्पर्क मार्ग पर बरसात व सुरहा ताल से निकला सरयू नदी का पानी भर गया है। इसके चलते लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस बाबत लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता अमित सिंह ने बताया कि इन सड़कों का स्थलीय जांच किया गया है। जलभराव से सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
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